राखी की थाली हुई महंगी, जानें पिछले साल से कितना बढ़ा खर्च

रक्षाबंधन का त्योहार भाई-बहन के प्यार और स्नेह का प्रतीक है, लेकिन इस बार त्योहार की तैयारियां जेब पर कुछ ज्यादा भारी पड़ सकती हैं। राखी की थाली में इस्तेमाल होने वाली कई जरूरी चीजों के दाम पिछले साल की तुलना में बढ़ गए हैं।
राखी की कीमतों में भी बढ़ोतरी देखने को मिली है। बाजार में अलग-अलग डिजाइन, क्वालिटी और सजावट वाली राखियां उपलब्ध हैं। मांग बढ़ने के साथ खास और आकर्षक राखियों की कीमतों में भी इजाफा हुआ है।
राखी की थाली का एक अहम हिस्सा मिठाई है और इसके दाम भी बढ़े हैं। दूध तथा ड्राई फ्रूट्स की कीमतों में वृद्धि का असर मिठाइयों की लागत पर पड़ा है। ऐसे में अच्छी क्वालिटी की मिठाई खरीदने पर पिछले साल की तुलना में ज्यादा खर्च करना पड़ सकता है।
पूजा में इस्तेमाल होने वाले अक्षत यानी चावल की कीमतों में भी बढ़ोतरी का असर दिखाई दे रहा है। इसके अलावा रोली और चंदन जैसी पारंपरिक पूजा सामग्री भी पहले के मुकाबले महंगी हुई है। ये चीजें भले ही कम मात्रा में खरीदी जाती हैं, लेकिन पूरी राखी थाली के खर्च में इनका भी योगदान होता है।
राखी की थाली में दीपक भी महत्वपूर्ण होता है। भाई की आरती के लिए इस्तेमाल होने वाले दीपक और पूजा की अन्य छोटी सामग्री की कीमतों में भी बदलाव आया है। ऐसे में थाली की सभी छोटी-बड़ी चीजों को जोड़ने पर कुल बजट पिछले साल से बढ़ सकता है।
महंगाई का असर सिर्फ राखी तक सीमित नहीं है। त्योहार के दौरान मिठाई, पूजा सामग्री और दूसरी जरूरी वस्तुओं की मांग बढ़ने से बाजार में कीमतों पर दबाव देखने को मिलता है। यही वजह है कि परिवारों को इस बार रक्षाबंधन की खरीदारी के लिए पहले से ज्यादा बजट रखना पड़ सकता है।
हालांकि रक्षाबंधन की असली खूबसूरती महंगी चीजों में नहीं, बल्कि भाई-बहन के रिश्ते और भावनाओं में है। सामान्य कीमत वाली राखी और घर पर तैयार की गई पूजा की थाली से भी इस त्योहार को खास बनाया जा सकता है। महंगाई के बीच बजट का ध्यान रखते हुए त्योहार मनाना बेहतर विकल्प हो सकता है।
कुल मिलाकर, इस साल राखी की थाली पर महंगाई का असर साफ दिखाई दे रहा है। राखी से लेकर मिठाई और पूजा सामग्री तक कई चीजों की कीमतें बढ़ने से त्योहार का कुल खर्च बढ़ा है। ऐसे में खरीदारी करते समय कीमतों की तुलना करना और जरूरत के हिसाब से सामान लेना जेब के लिए फायदेमंद रहेगा।



