नेपाल बाढ़ के बीच तिब्बत में फिर टूटा बांध, जारी हुआ अलर्ट

नेपाल में भीषण फ्लैश फ्लड की तबाही के बीच एक बार फिर बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है। शुक्रवार को तिब्बत की ओर एक और जलाशय के टूटने की सूचना सामने आई, जिसके बाद नेपाल के प्रभावित इलाकों में प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट हो गईं।
नेपाल पुलिस ने तत्काल एडवाइजरी जारी करते हुए प्रभावित क्षेत्र में मौजूद सुरक्षाकर्मियों, बचाव दलों और आम नागरिकों से सतर्क रहने को कहा है। पुलिस ने लोगों को किसी भी संभावित नए जलप्रवाह से बचने के लिए तुरंत सुरक्षित और ऊंचे स्थानों की ओर जाने की अपील की।
यह नया खतरा ऐसे समय सामने आया है जब नेपाल और तिब्बत पहले ही भीषण बाढ़ और भूस्खलन से जूझ रहे हैं। दो दिन पहले ग्लेशियर और चट्टानों के ढहने से अचानक आई बाढ़ ने नदी घाटियों में भारी तबाही मचाई थी। कई गांव, सड़कें, पुल और अन्य बुनियादी ढांचे बुरी तरह प्रभावित हुए हैं।
ताजा घटनाक्रम ने राहत और बचाव अभियान को भी मुश्किल में डाल दिया है। नए बाढ़ के खतरे के कारण कुछ इलाकों में बचाव कार्य अस्थायी रूप से रोकने पड़े, ताकि राहतकर्मी खुद किसी अचानक आने वाले तेज जलप्रवाह की चपेट में न आ जाएं।
नेपाल-तिब्बत सीमा क्षेत्र में बनी झील और जलभराव को लेकर भी चिंता बनी हुई है। ग्लेशियर के ढहने और मलबे के कारण बने प्राकृतिक अवरोधों के पीछे पानी जमा हुआ है। इसके बढ़ने या अचानक बहने से निचले इलाकों में दोबारा बाढ़ आने का खतरा पैदा हो सकता है।
प्रशासन की सबसे बड़ी चिंता यह है कि पहले से तबाह इलाकों में लोग और बचावकर्मी अभी भी प्रभावित क्षेत्रों में मौजूद हैं। ऐसे में पानी का स्तर अचानक बढ़ने पर उन्हें सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाना चुनौतीपूर्ण हो सकता है। इसी वजह से पुलिस ने तत्काल सावधानी बरतने की अपील की है।
हिमालयी क्षेत्र में लगातार सामने आ रही ऐसी घटनाओं ने ग्लेशियरों, झीलों और नदी घाटियों की निगरानी को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। विशेषज्ञों के अनुसार संवेदनशील इलाकों में रियल-टाइम मॉनिटरिंग और प्रभावी अर्ली वॉर्निंग सिस्टम से लोगों को समय रहते खतरे की जानकारी दी जा सकती है।
नेपाल में राहत और बचाव अभियान के बीच नया बाढ़ अलर्ट प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती है। अधिकारियों की प्राथमिकता फिलहाल लोगों की जान बचाना और बचाव दलों को सुरक्षित रखना है। स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और संभावित नए जलप्रवाह को देखते हुए प्रभावित क्षेत्रों में सतर्कता बढ़ा दी गई है।



