Russia Ukraine War: रूसी ड्रोन-मिसाइल हमले में 12 की मौत, एक भारतीय नागरिक भी शामिल

रूस और यूक्रेन के बीच जारी युद्ध में एक बार फिर बड़े हवाई हमले हुए हैं। रूस ने यूक्रेन के कई शहरों और क्षेत्रों पर ड्रोन तथा विभिन्न प्रकार की मिसाइलों से हमला किया, जिससे कई इलाकों में तबाही का मंजर देखने को मिला।
यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने बताया कि इस ताजा हमले में 12 लोगों की मौत हुई है। मृतकों में एक भारतीय नागरिक भी शामिल है। इसके अलावा दर्जनों लोगों के घायल होने की जानकारी सामने आई है।
रिपोर्ट के मुताबिक, हमलों में कीव और उसके आसपास के इलाकों को खास तौर पर निशाना बनाया गया। रिहायशी इमारतों, रेलवे से जुड़े ठिकानों और अन्य नागरिक बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचा है। कई जगहों पर आग लगने की घटनाएं भी सामने आईं।
यूक्रेनी अधिकारियों के अनुसार रूस ने बैलिस्टिक और क्रूज मिसाइलों के साथ बड़ी संख्या में ड्रोन का इस्तेमाल किया। इनमें तेज गति से उड़ने वाले जेट-पावर्ड ड्रोन भी शामिल थे, जिन्हें रोकना यूक्रेनी वायु रक्षा के लिए चुनौतीपूर्ण माना जा रहा है।
कीव क्षेत्र में हमले के दौरान रेलवे से जुड़े कई कर्मचारियों की भी मौत हुई। वहीं बोरीस्पिल इलाके में चार लोगों की जान गई, जिनमें एक विदेशी नागरिक भी शामिल था। घटना के बाद बचाव और राहत दलों ने प्रभावित क्षेत्रों में अभियान शुरू किया।
यूक्रेन के अधिकारियों ने बताया कि हमलों के कारण कई स्थानों पर बिजली आपूर्ति भी प्रभावित हुई। ओडेसा क्षेत्र में भी बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचने की खबर है। लगातार हो रहे हवाई हमलों के कारण आम नागरिकों की मुश्किलें बढ़ गई हैं।
यह हमला ऐसे समय हुआ है जब रूस-यूक्रेन युद्ध को समाप्त करने के लिए कूटनीतिक प्रयासों की चर्चा जारी है। हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से मुलाकात के दौरान युद्ध समाप्त करने और शांति का रास्ता तलाशने की अपील की थी।
यूक्रेन ने रूस के हमले के जवाब में अपनी कार्रवाई भी जारी रखी है। दोनों देशों के बीच लगातार बढ़ते ड्रोन हमलों से क्षेत्रीय सुरक्षा और नागरिकों की सुरक्षा को लेकर चिंता बनी हुई है।
ताजा हमलों ने एक बार फिर रूस-यूक्रेन युद्ध की गंभीरता को सामने ला दिया है। नागरिकों की मौत और बुनियादी ढांचे को नुकसान के बीच यूक्रेन में राहत एवं बचाव अभियान जारी है, जबकि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर संघर्ष को खत्म करने के लिए कूटनीतिक प्रयासों पर जोर दिया जा रहा है।



