Nepal Flood: बाढ़ से मौतों का आंकड़ा 1000 के पार, 583 विदेशी समेत हजारों लापता

नेपाल में आई विनाशकारी बाढ़ ने पूरे देश को गहरे संकट में डाल दिया है। हिमालयी क्षेत्र में ग्लेशियर से जुड़ी घटना के बाद आई अचानक बाढ़ और भूस्खलन ने कई गांवों, सड़कों, पुलों और अन्य बुनियादी ढांचे को भारी नुकसान पहुंचाया है।
नेपाल की आपदा प्रबंधन एजेंसी के अनुसार मंगलवार तक देश में 987 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है। चीन में हुई 16 मौतों को जोड़ने पर इस त्रासदी में मृतकों की कुल संख्या 1,000 के पार पहुंच गई है।
इस आपदा के बाद हजारों लोग अब भी लापता हैं। नेपाल में 3,916 लोगों के लापता होने की जानकारी सामने आई है, जिनमें 583 विदेशी नागरिक भी शामिल हैं। प्रभावित इलाकों में फंसे लोगों की तलाश के लिए बड़े पैमाने पर अभियान चलाया जा रहा है।
बाढ़ का असर नेपाल के कई जिलों में देखने को मिला है। तेज बहाव के कारण घर, वाहन, सड़कें और पुल बह गए हैं। कई इलाकों में संपर्क टूटने से राहत और बचाव दलों को प्रभावित लोगों तक पहुंचने में काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।
नेपाल सरकार ने खोज और बचाव अभियान में बड़ी संख्या में सुरक्षाकर्मियों को लगाया है। हेलीकॉप्टरों की मदद से दुर्गम इलाकों में फंसे लोगों को निकालने और राहत सामग्री पहुंचाने का काम जारी है। अब तक 11,800 से अधिक लोगों को सुरक्षित निकाला जा चुका है।
बाढ़ और भूस्खलन के कारण कई प्रमुख सड़क मार्ग और पुल क्षतिग्रस्त हुए हैं। इससे राहत कार्य प्रभावित हो रहा है। कई संवेदनशील इलाकों में नदियों का जलस्तर बढ़ने के कारण प्रशासन ने लोगों को सतर्क रहने और नदी किनारे जाने से बचने की सलाह दी है।
इस प्राकृतिक आपदा की शुरुआत 26 अगस्त को हिमालय के ऊंचाई वाले क्षेत्र में हुई ग्लेशियर से जुड़ी घटना के बाद हुई। इसके बाद भारी मात्रा में पानी, बर्फ, चट्टान और मलबा निचले इलाकों की ओर आया, जिससे अचानक बाढ़ की स्थिति पैदा हुई।
बाढ़ का असर जलविद्युत परियोजनाओं पर भी पड़ा है। कई परियोजनाओं में कर्मचारी फंसे हुए हैं और सुरंगों में मौजूद लोगों को निकालना बचाव दलों के लिए बड़ी चुनौती बना हुआ है। राहत एजेंसियां लगातार प्रभावित क्षेत्रों तक पहुंचने का प्रयास कर रही हैं।
मौतों और लापता लोगों का आंकड़ा बढ़ने की आशंका के बीच नेपाल में राहत और बचाव कार्य तेज कर दिया गया है। मलबे और दुर्गम भौगोलिक परिस्थितियों के कारण कई इलाकों में तलाशी अभियान अभी भी जारी है। अधिकारियों का पूरा ध्यान लापता लोगों का पता लगाने और प्रभावित परिवारों तक राहत पहुंचाने पर है।



