कच्चा तेल 100 डॉलर पार पहुंचा तो बढ़ सकती है पेट्रोल-डीजल की कीमतें, सप्लाई पर बढ़ा दबाव

अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में फिर तेजी आने से भारत समेत कई देशों में पेट्रोल-डीजल की कीमतों को लेकर चिंता बढ़ गई है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, कच्चा तेल एक बार फिर 100 डॉलर प्रति बैरल के स्तर के पार पहुंच गया है।
तेल बाजार में यह उछाल पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और प्रमुख समुद्री व्यापार मार्गों पर बढ़ते जोखिम के कारण आया है। होर्मुज जलडमरूमध्य जैसे महत्वपूर्ण तेल परिवहन मार्गों को लेकर चिंता के बीच सप्लाई बाधित होने की आशंका बनी हुई है।
इसके अलावा, लाल सागर क्षेत्र में हूती समूह की गतिविधियों के कारण जहाजों की आवाजाही और वैश्विक तेल आपूर्ति पर दबाव बढ़ा है। अगर लंबे समय तक सप्लाई प्रभावित रहती है तो कच्चे तेल की कीमतों में और बढ़ोतरी हो सकती है।
भारत अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा कच्चे तेल के आयात से पूरा करता है। ऐसे में अंतरराष्ट्रीय कीमतों में बढ़ोतरी का असर आयात बिल, रुपये की कीमत और आगे चलकर घरेलू ईंधन कीमतों पर पड़ सकता है।
हालांकि, पेट्रोल-डीजल के दाम तय करने में कच्चे तेल की कीमतों के साथ-साथ टैक्स, विनिमय दर और अन्य घरेलू कारक भी भूमिका निभाते हैं। इसलिए कीमतों में बदलाव का अंतिम असर कई परिस्थितियों पर निर्भर करेगा।



