भूख कम क्यों लगती है? तनाव ही नहीं, इन बीमारियों में भी घट सकती है Appetite

अगर आपको कुछ समय से पहले की तुलना में कम भूख लग रही है तो इसे केवल तनाव की वजह मानकर नजरअंदाज न करें। संक्रमण, पाचन संबंधी समस्या, दवाइयों के साइड इफेक्ट, हार्मोनल बदलाव और कई अन्य कारणों से भी भूख कम हो सकती है।
पहले से कम खाना खा रहे हैं? भूख कम होने के ये हो सकते हैं कारण
कई बार ऐसा होता है कि व्यक्ति को पहले जितनी भूख लगती थी, उतनी अब नहीं लगती। खाने का मन कम करता है या थोड़ा सा भोजन करने के बाद ही पेट भरा हुआ महसूस होने लगता है। कुछ लोग इसे तनाव या काम के दबाव से जोड़कर देखते हैं, लेकिन भूख कम लगने के पीछे कई अन्य कारण भी हो सकते हैं।
भूख में थोड़े समय के लिए बदलाव सामान्य हो सकता है, लेकिन अगर यह लंबे समय तक बना रहे या इसके साथ वजन कम होना, कमजोरी या अन्य लक्षण दिखाई दें तो इसके कारण की जांच कराना जरूरी है।
तनाव और चिंता से भी कम हो सकती है भूख
तनाव, चिंता और भावनात्मक परेशानियां भूख को प्रभावित कर सकती हैं। तनाव के दौरान शरीर में होने वाले हार्मोनल बदलाव पाचन और खाने की इच्छा पर असर डाल सकते हैं।
कुछ लोगों में तनाव के कारण ज्यादा खाने की इच्छा होती है, जबकि कुछ लोगों में भूख कम हो जाती है। लंबे समय तक चिंता या उदासी बनी रहने पर खाने की आदतों में लगातार बदलाव देखा जा सकता है।
संक्रमण के दौरान भी घट सकती है Appetite
सर्दी-जुकाम, फ्लू या किसी अन्य संक्रमण के दौरान भूख कम होना आम हो सकता है। बुखार, थकान, मतली या स्वाद और गंध में बदलाव के कारण भी व्यक्ति सामान्य से कम भोजन कर सकता है।
आमतौर पर संक्रमण ठीक होने के साथ भूख वापस आने लगती है। लेकिन भूख लंबे समय तक कम रहे तो डॉक्टर से सलाह लेना बेहतर है।
पेट और पाचन की समस्या
एसिडिटी, गैस, कब्ज, अपच और अन्य पाचन संबंधी समस्याएं भी खाने की इच्छा कम कर सकती हैं। कुछ लोगों को भोजन के बाद पेट भारी लगने या जल्दी पेट भरने की शिकायत होती है।
अगर भूख कम होने के साथ लगातार पेट दर्द, उल्टी, मल में खून या निगलने में परेशानी हो तो चिकित्सकीय जांच जरूरी है।
दवाइयों का साइड इफेक्ट
कुछ दवाइयों के कारण भी भूख कम हो सकती है। कुछ एंटीबायोटिक्स, दर्द की दवाएं, अवसाद या चिंता की दवाएं और अन्य चिकित्सकीय दवाओं के सेवन के बाद कुछ लोगों में मतली या Appetite Loss हो सकता है।
अगर किसी नई दवा को शुरू करने के बाद भूख में स्पष्ट बदलाव आया है तो दवा खुद से बंद न करें। डॉक्टर से बात करके संभावित साइड इफेक्ट के बारे में जानकारी लें।
थायरॉइड और हार्मोनल बदलाव
शरीर में हार्मोन के असंतुलन का असर भूख और वजन पर भी पड़ सकता है। थायरॉइड से जुड़ी समस्याओं में वजन, ऊर्जा और खाने की इच्छा में बदलाव देखने को मिल सकता है।
अगर भूख में बदलाव के साथ वजन तेजी से बढ़ या घट रहा है, अत्यधिक थकान है या दिल की धड़कन में असामान्य बदलाव महसूस होता है तो डॉक्टर से जांच कराना उचित है।
डायबिटीज और ब्लड शुगर का असर
ब्लड शुगर में असंतुलन भी शरीर की ऊर्जा और भूख को प्रभावित कर सकता है। डायबिटीज में भूख, वजन, प्यास और पेशाब की आदतों में बदलाव हो सकता है।
अगर भूख कम होने के साथ बहुत ज्यादा प्यास लगना, बार-बार पेशाब आना, कमजोरी या अचानक वजन कम होना जैसे लक्षण हैं तो चिकित्सकीय सलाह लें।
लिवर या किडनी की समस्या
लिवर या किडनी की कुछ बीमारियों में भी भूख कम हो सकती है। शरीर में अपशिष्ट पदार्थों के जमा होने या मेटाबॉलिज्म में बदलाव के कारण खाने की इच्छा घट सकती है।
अगर भूख कम होने के साथ पैरों या चेहरे पर सूजन, त्वचा या आंखों में पीलापन, लगातार थकान या पेशाब में बदलाव दिखाई दे तो डॉक्टर से जांच करानी चाहिए।
मुंह और दांतों की समस्या भी हो सकती है वजह
दांतों में दर्द, मसूड़ों की समस्या, मुंह में छाले या निगलने में परेशानी होने पर व्यक्ति खाने से बचने लगता है। बुजुर्गों में दांतों से जुड़ी समस्या के कारण भी भोजन की मात्रा कम हो सकती है।
ऐसी स्थिति में समस्या का इलाज कराने से सामान्य खाने की आदत वापस आ सकती है।
उम्र बढ़ने के साथ भी घट सकती है भूख
बढ़ती उम्र में स्वाद और गंध की क्षमता में बदलाव, शारीरिक गतिविधि कम होना और कुछ दवाओं के इस्तेमाल के कारण भूख कम हो सकती है।
लेकिन बुजुर्गों में लगातार कम खाना कुपोषण और कमजोरी का कारण बन सकता है। इसलिए लंबे समय तक Appetite Loss को सामान्य मानकर नहीं छोड़ना चाहिए।
कब डॉक्टर से मिलना चाहिए?
अगर कुछ दिनों के बजाय लंबे समय तक भूख कम रहती है तो इसके कारण की जांच कराना जरूरी है। खासकर अगर इसके साथ निम्न लक्षण हों:
- बिना कोशिश के वजन कम होना
- लगातार कमजोरी या थकान
- बार-बार उल्टी या मतली
- लगातार पेट दर्द
- निगलने में परेशानी
- मल में खून या काला मल
- लगातार बुखार
- त्वचा या आंखों में पीलापन
- बहुत ज्यादा प्यास या पेशाब
इनमें से कोई लक्षण होने पर डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।
भूख कम होने पर क्या करें?
अगर किसी गंभीर बीमारी के संकेत नहीं हैं और भूख थोड़े समय से कम हुई है तो छोटे-छोटे अंतराल पर कम मात्रा में पौष्टिक भोजन लेने की कोशिश करें। प्रोटीन, फल, सब्जियां और पर्याप्त तरल पदार्थ आहार में शामिल करें।
भूख कम होने पर भी शरीर को जरूरी पोषक तत्व मिलना महत्वपूर्ण है। बहुत ज्यादा चाय-कॉफी या केवल स्नैक्स पर निर्भर रहने से बचें।
निष्कर्ष:
भूख कम लगना हमेशा किसी गंभीर बीमारी का संकेत नहीं होता। तनाव, संक्रमण, पाचन संबंधी परेशानी या दवाओं के कारण भी Appetite Loss हो सकता है। लेकिन अगर यह समस्या लगातार बनी रहे या वजन कम होने और दूसरे लक्षणों के साथ हो तो इसके पीछे की वजह जानने के लिए डॉक्टर से जांच कराना जरूरी है।
नोट: यह जानकारी सामान्य स्वास्थ्य जागरूकता के लिए है। लगातार भूख कम लगने या अन्य लक्षण होने पर योग्य चिकित्सक से परामर्श लें।



