चीनी के दाम हुए सस्ते, सरकार के एक्शन का दिखा असर

त्योहारी सीजन से पहले तेजी से बढ़े चीनी के दाम अब नरम पड़ने लगे हैं। हाल के दिनों में एक्स-मिल चीनी की कीमतों में करीब 18 से 20 प्रतिशत तक की गिरावट दर्ज की गई है। इससे थोक खरीदारों को राहत मिली है, हालांकि खुदरा बाजार में इसका पूरा असर पहुंचने में अभी समय लग सकता है।
चीनी की कीमतों में यह बदलाव केंद्र सरकार की ओर से उठाए गए कई कदमों के बाद देखने को मिला है। सरकार ने घरेलू बाजार में आपूर्ति बढ़ाने के लिए 10 लाख टन कच्ची चीनी के शुल्क-मुक्त आयात की अनुमति दी है। इसके अलावा जमाखोरी और सट्टेबाजी पर रोक लगाने के लिए चीनी कारोबारियों पर स्टॉक होल्डिंग लिमिट भी लागू की गई है।
सरकार के इन फैसलों से बाजार में यह उम्मीद बढ़ी है कि आने वाले समय में चीनी की उपलब्धता बेहतर होगी। आयातित चीनी के अलावा मौजूदा स्टॉक को बाजार में लाने के प्रयासों से आपूर्ति बढ़ने की संभावना है। इसी उम्मीद का असर थोक और मिल स्तर की कीमतों पर दिखाई दे रहा है।
कुछ समय पहले चीनी के दाम रिकॉर्ड स्तर तक पहुंच गए थे। एक्स-मिल भाव करीब 67 रुपये प्रति किलोग्राम तक पहुंचने के बाद अब लगभग 55 रुपये प्रति किलोग्राम के आसपास आ गए हैं। यानी ऊंचे स्तर से कीमतों में बड़ी गिरावट देखने को मिली है।
चीनी की कीमतों में तेजी के पीछे कई कारण बताए गए थे। सरकार के अनुसार घरेलू उत्पादन उम्मीद से कम रहने, त्योहारों से पहले मांग बढ़ने, मौसम की वजह से गन्ने की फसल को नुकसान और कुछ हिस्सों में जमाखोरी व सट्टेबाजी ने कीमतों पर दबाव बढ़ाया।
केंद्र सरकार ने साफ किया है कि हालिया तेजी को केवल इथेनॉल उत्पादन के लिए चीनी के डायवर्जन से जोड़ना सही नहीं है। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक इथेनॉल के लिए डायवर्जन का हिस्सा पिछले वर्षों की तुलना में कम हुआ है।
सरकार ने चीनी कारोबारियों के लिए स्टॉक रखने की सीमा भी तय की है। यह व्यवस्था जमाखोरी रोकने और घरेलू बाजार में चीनी की पर्याप्त उपलब्धता बनाए रखने के उद्देश्य से लागू की गई है। सरकार का लक्ष्य है कि त्योहारों के दौरान मांग बढ़ने के बावजूद बाजार में कृत्रिम कमी पैदा न हो।
हालांकि एक्स-मिल और थोक बाजार में कीमतें घटने लगी हैं, लेकिन आम उपभोक्ताओं को खुदरा बाजार में तत्काल उतनी राहत नहीं मिली है। खुदरा चीनी के दाम अभी भी ऊंचे स्तर पर बने हुए हैं। अतिरिक्त आपूर्ति बाजार में पहुंचने के बाद खुदरा कीमतों में भी कमी आने की उम्मीद जताई जा रही है।
आने वाले दिनों में चीनी की कीमतों पर नई फसल, घरेलू उत्पादन, आयातित चीनी की उपलब्धता और त्योहारों की मांग का असर रहेगा। अगर बाजार में आपूर्ति पर्याप्त बनी रहती है तो चीनी के दामों में और नरमी देखने को मिल सकती है।



