
पश्चिम बंगाल में स्वच्छता और नागरिक अनुशासन को लेकर सरकार ने सख्त कदम उठाया है। 1 सितंबर से सार्वजनिक स्थानों पर गंदगी फैलाने और अस्वच्छ गतिविधियों में शामिल लोगों पर मौके पर जुर्माना लगाने की व्यवस्था लागू कर दी गई है।
नई व्यवस्था के तहत सार्वजनिक जगह पर थूकने पर 100 रुपये का जुर्माना देना होगा। वहीं सड़क या सार्वजनिक स्थान पर कूड़ा फेंकने पर 200 रुपये की पेनल्टी लगाई जाएगी।
खुले में पेशाब या शौच करने वालों पर भी 200 रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा। इसके अलावा 125 माइक्रोन से कम मोटाई वाले प्रतिबंधित सिंगल यूज प्लास्टिक बैग के इस्तेमाल पर भी 200 रुपये की कार्रवाई होगी।
सरकार की ओर से यह कदम केवल जुर्माना वसूलने के लिए नहीं, बल्कि लोगों के व्यवहार में बदलाव लाने और सार्वजनिक स्थानों को साफ रखने के उद्देश्य से उठाया गया है। अधिकारियों के मुताबिक नागरिकों में शहर और आसपास के इलाकों के प्रति जिम्मेदारी की भावना विकसित करना भी अभियान का लक्ष्य है।
जुर्माना वसूलने की जिम्मेदारी अधिकृत नगर निकाय अधिकारियों को दी गई है। कार्रवाई सार्वजनिक स्थानों, अस्पताल क्षेत्रों और परिवहन केंद्रों सहित विभिन्न जगहों पर की जाएगी। जुर्माने का भुगतान डिजिटल माध्यम से करने की व्यवस्था रखी गई है।
सरकार ने इससे पहले लोगों को नए नियमों के बारे में जागरूक करने के लिए अभियान भी चलाया। नगर निकाय क्षेत्रों में कूड़ेदान और कचरा प्रबंधन की व्यवस्था को बेहतर बनाने पर भी जोर दिया जा रहा है, ताकि लोगों को सार्वजनिक स्थानों पर कूड़ा फेंकने से रोका जा सके।
नई व्यवस्था के लागू होने के बाद सड़क पर थूकने, कूड़ा फैलाने और सार्वजनिक स्थानों पर गंदगी करने वालों पर निगरानी बढ़ेगी। सरकार को उम्मीद है कि जुर्माने के साथ जागरूकता अभियान से नागरिकों की आदतों में बदलाव आएगा और शहरों की स्वच्छता व्यवस्था मजबूत होगी।



