IAS दिव्या मित्तल के चर्चित बयान, गांव में पानी से लेखपाल को चेतावनी तक

IAS अधिकारी दिव्या मित्तल का नाम उत्तर प्रदेश के उन अफसरों में लिया जाता है, जो अपने बेबाक अंदाज और मौके पर अधिकारियों से जवाब मांगने के लिए चर्चा में रहे। मिर्जापुर, बस्ती और देवरिया में जिलाधिकारी की जिम्मेदारी संभालने के दौरान उनके कई वीडियो और बयान सोशल मीडिया पर वायरल हुए।
दिव्या मित्तल का सबसे चर्चित वीडियो अवैध कब्जे से जुड़ी शिकायत के दौरान सामने आया था। इसमें वह कानूनगो और लेखपाल को कड़ी फटकार लगाते हुए मामले की जांच कराने और लापरवाही दोबारा न करने की चेतावनी देती नजर आई थीं। इसी दौरान उनका ‘जेल भेज दूंगी’ वाला बयान काफी वायरल हुआ था।
उनके सख्त तेवर का एक और वीडियो पुल निर्माण के निरीक्षण के दौरान सामने आया था। तेज धूप में निरीक्षण के बीच छांव में बैठने के सुझाव पर उन्होंने हल्के-फुल्के अंदाज में कहा था कि धूप ही तो है, पिघल थोड़ी जाएंगे। उनका यह अंदाज भी सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना था।
दिव्या मित्तल की पहचान सिर्फ सख्त अधिकारी के तौर पर नहीं रही। मिर्जापुर की जिलाधिकारी रहते हुए उन्होंने लहुरियादह गांव में पेयजल पहुंचाने के लिए विशेष प्रयास किए। बताया गया कि लंबे समय से पानी की समस्या झेल रहे इस गांव में उनके प्रयासों के बाद पहली बार पानी की व्यवस्था हुई।
इस उपलब्धि को याद करते हुए दिव्या मित्तल ने अपनी विदाई पोस्ट में भावुक अनुभव साझा किया। उन्होंने बताया कि गांव में पानी पहुंचने के बाद एक बुजुर्ग महिला ने बिना कुछ कहे उनके सिर पर हाथ रखकर आशीर्वाद दिया था। यह पल उनके प्रशासनिक करियर की यादगार घटनाओं में शामिल रहा।
दिव्या मित्तल सोशल मीडिया पर भी सक्रिय रही हैं और उनकी कार्यशैली से जुड़े कई वीडियो लोगों के बीच चर्चा का विषय बने। उनके समर्थक उन्हें जमीनी स्तर पर काम करने वाली अधिकारी के रूप में देखते रहे हैं, जबकि उनके सख्त तेवर कई बार प्रशासनिक हलकों में भी चर्चा का कारण बने।
अब करीब 13 साल की सेवा के बाद दिव्या मित्तल के इस्तीफे ने एक बार फिर उन्हें सुर्खियों में ला दिया है। उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए अपनी प्रशासनिक यात्रा को विराम देने की जानकारी दी और अपने कार्यकाल के अनुभवों तथा सहयोगियों का उल्लेख किया। हालांकि इस्तीफे की विस्तृत वजह उन्होंने सार्वजनिक रूप से स्पष्ट नहीं की है।



