Rahul Dravid के 3 बड़े रिकॉर्ड, सचिन तेंदुलकर भी नहीं तोड़ पाए

राहुल द्रविड़ का नाम जब भी टेस्ट क्रिकेट के महान बल्लेबाजों में लिया जाता है, तो उनकी धैर्य, तकनीक और लंबी पारी खेलने की क्षमता सबसे पहले याद आती है। ‘द वॉल’ के नाम से मशहूर द्रविड़ ने अपने 16 साल के टेस्ट करियर में कई ऐसे रिकॉर्ड बनाए, जो उनकी बल्लेबाजी की असाधारण क्षमता को दिखाते हैं।
द्रविड़ के सबसे खास रिकॉर्ड्स में टेस्ट क्रिकेट में सबसे ज्यादा गेंद खेलने का रिकॉर्ड शामिल है। उन्होंने अपने टेस्ट करियर में कुल 31,258 गेंदों का सामना किया। वह टेस्ट इतिहास के एकमात्र बल्लेबाज हैं जिन्होंने 30 हजार से ज्यादा गेंदें खेली हैं। यह आंकड़ा बताता है कि उन्होंने क्रीज पर कितने लंबे समय तक विपक्षी गेंदबाजों का सामना किया।
द्रविड़ का दूसरा दिलचस्प रिकॉर्ड उनके 90 के स्कोर पर आउट होने से जुड़ा है। वह टेस्ट क्रिकेट में 10 बार 90 के दशक में आउट हुए। इस सूची में उनके साथ सचिन तेंदुलकर और स्टीव वॉ भी 10-10 बार शामिल हैं। यानी द्रविड़ के लिए शतक और नर्वस नाइंटीज के बीच का फासला कई बार बेहद मुश्किल साबित हुआ।
उनके रिकॉर्ड्स की सूची में नॉन-विकेटकीपर के तौर पर 210 टेस्ट कैच भी लंबे समय तक सबसे ऊपर रहा। द्रविड़ ने स्लिप में अपनी शानदार फील्डिंग के दम पर यह मुकाम हासिल किया था। हालांकि यह रिकॉर्ड अब इंग्लैंड के जो रूट के नाम है, जिन्होंने 2025 में द्रविड़ को पीछे छोड़ दिया था।
द्रविड़ की बल्लेबाजी का एक और बड़ा उदाहरण उनकी लंबी पारियां हैं। 2004 में पाकिस्तान के खिलाफ रावलपिंडी टेस्ट में उन्होंने 270 रन की पारी 495 गेंदों पर खेली थी। यह पारी उनकी रक्षात्मक तकनीक, एकाग्रता और धैर्य का शानदार उदाहरण मानी जाती है।
सचिन तेंदुलकर ने टेस्ट क्रिकेट में द्रविड़ से ज्यादा रन और शतक बनाए, लेकिन कुछ खास आंकड़ों में द्रविड़ की अलग पहचान रही। यही वजह है कि भारतीय क्रिकेट में द्रविड़ को सिर्फ एक महान रन स्कोरर नहीं, बल्कि टेस्ट क्रिकेट की दृढ़ता और धैर्य का प्रतीक माना जाता है।
हालांकि ‘इन रिकॉर्ड्स को कोई नहीं तोड़ सकता’ कहना थोड़ा अतिशयोक्तिपूर्ण होगा। क्रिकेट में रिकॉर्ड लगातार बदलते रहते हैं और आधुनिक दौर में खिलाड़ियों को ज्यादा मैच खेलने के मौके मिल रहे हैं। फिर भी 31,258 गेंदों का सामना करने जैसा रिकॉर्ड हासिल करना किसी भी बल्लेबाज के लिए बेहद कठिन चुनौती है।



