रुद्रपुर हमले में अभिषेक वाल्मीकि की मौत, तनाव बढ़ा

उत्तराखंड के रुद्रपुर में हुए कथित हमले के मामले ने अब गंभीर रूप ले लिया है। हमले में घायल 20 वर्षीय अभिषेक वाल्मीकि की छह दिनों तक वेंटिलेटर पर रहने के बाद मौत हो गई। रिपोर्टों के मुताबिक, अभिषेक को गंभीर हालत में बरेली के अस्पताल में भर्ती कराया गया था और बाद में बेहतर इलाज के लिए ऋषिकेश एम्स ले जाया जा रहा था, लेकिन रास्ते में उनकी मौत हो गई।
बताया गया है कि 7 अगस्त की रात काशीपुर फ्लाईओवर के पास स्कूटी से जा रहे अभिषेक और उनके साथी की एक स्कॉर्पियो से टक्कर के बाद विवाद हुआ। अभिषेक के परिवार की ओर से आरोप लगाया गया कि इसके बाद उन पर लोहे की रॉड से हमला किया गया। पुलिस ने मामले में भाजपा के भगत सिंह मंडल महामंत्री पारस चुघ, उनके भाई सन्नी चुघ और अन्य लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था।
अभिषेक की हालत शुरुआत से ही बेहद गंभीर बताई जा रही थी। उन्हें इलाज के लिए बरेली रेफर किया गया था, जहां कई दिनों तक डॉक्टरों ने उन्हें बचाने का प्रयास किया। हालत में सुधार नहीं होने के बाद उन्हें ऋषिकेश एम्स ले जाने की तैयारी की गई, लेकिन रास्ते में ही उन्होंने दम तोड़ दिया।
अभिषेक की मौत की खबर सामने आने के बाद रुद्रपुर में तनाव बढ़ गया है। प्रशासन ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल और पीएसी की तैनाती की है। संवेदनशील इलाकों में पुलिस गश्त बढ़ाई गई है और किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है।
इस मामले को लेकर वाल्मीकि समाज में पहले से ही आक्रोश था। आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर समुदाय के लोगों ने प्रदर्शन किया था और हाईवे जाम करने के साथ कोतवाली का घेराव भी किया था। पुलिस के साथ प्रदर्शनकारियों की धक्का-मुक्की की स्थिति भी बनी थी।
पुलिस ने मामले की जांच के लिए घटनास्थल के सीसीटीवी फुटेज जुटाए हैं। अधिकारियों का कहना है कि घटना से जुड़े सभी पहलुओं की जांच की जा रही है और आगे की कार्रवाई साक्ष्यों के आधार पर की जाएगी। मामले में आरोप लगाए गए हैं, जबकि आरोपों की अंतिम पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगी।
अभिषेक की मौत के बाद उनके परिवार ने आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और न्याय की मांग की है। वहीं, प्रशासन के सामने सबसे बड़ी चुनौती रुद्रपुर में शांति व्यवस्था बनाए रखना है। पुलिस लगातार हालात पर नजर रख रही है और लोगों से शांति बनाए रखने तथा अफवाहों से बचने की अपील की जा रही है।



