
रूस के उस्त-लुगा बंदरगाह पर पिछले दस दिनों में पांचवां हमला हुआ है, जिससे वहां से तेल निर्यात में करीब 40 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। इस हमले ने वैश्विक ऊर्जा बाजार में भू-राजनीतिक अस्थिरता को बढ़ा दिया है और रूस की आर्थिक रणनीति पर भी दबाव डाला है।
यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलेदिमिर जेलेंस्की ने इस बीच युद्धविराम के लिए स्पष्ट शर्त रखी है। उन्होंने कहा कि बिना उनकी शर्तों के किसी भी तरह का संघर्ष विराम संभव नहीं है, जिससे दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ा हुआ है।
विशेषज्ञों का कहना है कि उस्त-लुगा पर लगातार हमलों का असर रूस की तेल निर्यात क्षमता और वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला पर दिखाई देगा। इस घटना ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय को भी चिंता में डाल दिया है, क्योंकि ऊर्जा संकट के कारण देशों की अर्थव्यवस्थाओं पर असर पड़ सकता है। इसके साथ ही, यह संघर्ष यूक्रेन और रूस के बीच कूटनीतिक समाधान को भी चुनौती दे रहा है।



