भारत-पाक दौरे पर क्लिंटन का सीक्रेट प्लेन, ट्रंप के मिशन से जुड़ा 26 साल पुराना किस्सा

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के हालिया गुप्त विमान बदलने के घटनाक्रम ने 26 साल पुराने बिल क्लिंटन के एक सीक्रेट मिशन की याद दिला दी है। ट्रंप को तुर्किए से ब्रिटेन ले जाने के दौरान सुरक्षा कारणों से उनके विमान को बदल दिया गया था और वास्तविक यात्रा को छिपाने के लिए दूसरे विमान को डिकॉय के तौर पर इस्तेमाल किया गया।
दरअसल, अमेरिकी राष्ट्रपतियों की विदेश यात्राओं में सुरक्षा के लिए डिकॉय विमान जैसी रणनीतियां पहले भी अपनाई जाती रही हैं। वर्ष 2000 में तत्कालीन राष्ट्रपति बिल क्लिंटन ने भारत, बांग्लादेश और पाकिस्तान का दौरा किया था। यह यात्रा दक्षिण एशिया में अमेरिकी राष्ट्रपति की एक महत्वपूर्ण कूटनीतिक यात्रा थी।
क्लिंटन की पाकिस्तान यात्रा के दौरान उनकी सुरक्षा को लेकर विशेष इंतजाम किए गए थे। डिकॉय विमान का उद्देश्य संभावित हमलावरों को राष्ट्रपति की वास्तविक लोकेशन को लेकर भ्रमित करना था। हालांकि, ट्रंप के हालिया मामले में जिस तरह उन्हें गुप्त रूप से एक छोटे विमान में स्थानांतरित किया गया और मूल विमान को डिकॉय के तौर पर इस्तेमाल किया गया, उसने इस पुरानी रणनीति को फिर चर्चा में ला दिया है।
ट्रंप के मामले में सुरक्षा अधिकारियों ने कथित ईरानी खतरे को देखते हुए यह कदम उठाया। रिपोर्ट के मुताबिक ट्रंप को एयरपोर्ट पर कैटरिंग वाहन के जरिए दूसरे विमान तक पहुंचाया गया, जबकि स्टाफ और पत्रकारों के साथ मूल विमान को आगे रवाना किया गया।
दिलचस्प बात यह है कि अमेरिकी राष्ट्रपतियों की यात्राओं में गोपनीयता और सुरक्षा का यह तरीका नया नहीं है, लेकिन हर घटना की परिस्थितियां अलग होती हैं। ट्रंप के हालिया मिशन ने 2000 के क्लिंटन दौरे की उस रणनीति को फिर सुर्खियों में ला दिया है, जिसमें राष्ट्रपति की वास्तविक स्थिति को छिपाना सुरक्षा व्यवस्था का अहम हिस्सा था।



