रूस-यूक्रेन के आसमान पर ड्रोन का कब्जा, जंग की कीमत चुका रहे आम लोग

रूस और यूक्रेन के बीच चल रही जंग में ड्रोन युद्ध का स्वरूप तेजी से बदल रहे हैं। लंबी दूरी तक हमला करने में सक्षम ड्रोन अब दोनों देशों की सैन्य रणनीति का अहम हिस्सा बन चुके हैं। रूस और यूक्रेन एक-दूसरे के सैन्य ठिकानों, ऊर्जा प्रतिष्ठानों और अन्य महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे को निशाना बनाने के लिए बड़े पैमाने पर ड्रोन का इस्तेमाल कर रहे हैं। इसका सीधा असर आम नागरिकों पर भी पड़ रहा है।
ड्रोन हमलों से बढ़ा नागरिकों का खतरा
हाल के दिनों में रूस और यूक्रेन दोनों तरफ ड्रोन और मिसाइल हमलों में नागरिकों के हताहत होने की खबरें सामने आई हैं। यूक्रेन में रूसी हमलों के दौरान रिहायशी इलाकों को नुकसान पहुंचा है, वहीं रूस के भीतर यूक्रेनी ड्रोन हमलों में भी नागरिकों की मौत हुई है। इससे युद्ध का मानवीय संकट और गहरा रहा है।
रूस के भीतर भी पहुंच रहे यूक्रेनी ड्रोन
यूक्रेन ने रूस की सीमा से काफी दूर स्थित इलाकों तक ड्रोन हमले करने की क्षमता विकसित की है। हालिया हमले में रूस के तातारस्तान क्षेत्र के निजनेकाम्स्क शहर में एक तेल रिफाइनरी और आसपास के इलाकों को निशाना बनाया गया। रूसी अधिकारियों के अनुसार इस हमले में कम से कम 13 लोगों की मौत हुई और कई लोग घायल हुए। यूक्रेन ने इसे रूस की सैन्य क्षमता को कमजोर करने की कार्रवाई बताया है।
यूक्रेन भी लगातार झेल रहा रूसी हमला
दूसरी ओर रूस की ओर से यूक्रेन के शहरों पर ड्रोन और मिसाइल हमले जारी हैं। हालिया रूसी हमलों में यूक्रेन में भी लोगों की मौत और बड़ी संख्या में लोगों के घायल होने की खबर है। रिहायशी इलाकों और नागरिक बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचने से स्थानीय लोगों के सामने सुरक्षा का संकट बना हुआ है।
ड्रोन ने बदली युद्ध की रणनीति
ड्रोन अपेक्षाकृत कम लागत में लंबी दूरी के हमले करने और दुश्मन के महत्वपूर्ण ठिकानों तक पहुंचने की क्षमता देते हैं। यही वजह है कि रूस और यूक्रेन दोनों ने ड्रोन उत्पादन, इलेक्ट्रॉनिक युद्ध और ड्रोन रोधी प्रणालियों पर अपना जोर बढ़ाया है। अब यह युद्ध पारंपरिक मोर्चों के साथ-साथ आसमान में भी लगातार अधिक तकनीकी होता जा रहा है।
आम नागरिकों के लिए बढ़ती मुश्किल
जंग का विस्तार जब सैन्य ठिकानों से आगे शहरों और औद्योगिक क्षेत्रों तक होता है, तो आम नागरिक सबसे ज्यादा प्रभावित होते हैं। हवाई हमलों के खतरे के बीच लोगों को बार-बार बंकरों और सुरक्षित स्थानों में शरण लेनी पड़ती है। बिजली, परिवहन और अन्य जरूरी सेवाएं भी प्रभावित हो सकती हैं।
रूस-यूक्रेन युद्ध में ड्रोन की बढ़ती भूमिका ने संघर्ष को और जटिल बना दिया है। सैन्य दृष्टि से ये दोनों पक्षों के लिए अहम हथियार बन गए हैं, लेकिन लगातार हो रहे हमलों की सबसे बड़ी मानवीय कीमत आम लोगों को चुकानी पड़ रही है।



