RCOM पर फिर सरकारी एक्शन, DoT ने बैंक गारंटी भुनाई; SBI और Bank of Baroda का नाम

अनिल अंबानी की Reliance Communications यानी RCOM एक बार फिर सरकारी कार्रवाई को लेकर चर्चा में है। कंपनी पहले से ही वित्तीय और कानूनी चुनौतियों का सामना कर रही है और अब DoT की बैंक गारंटी से जुड़ी कार्रवाई ने उसकी मुश्किलें बढ़ा दी हैं।
दूरसंचार विभाग ने लाइसेंस फीस की बकाया रकम को लेकर Reliance Communications की बैंक गारंटी के एक हिस्से को भुनाने का आदेश दिया है। रिपोर्ट के मुताबिक यह कार्रवाई वित्त वर्ष 2023-24 से 2025-26 तक की लाइसेंस फीस से जुड़े बकाये के संदर्भ में की गई है।
इस मामले में State Bank of India यानी SBI का नाम Reliance Communications की ओर से जारी बैंक गारंटी से जुड़ा है। वहीं Reliance Telecom की बैंक गारंटी Bank of Baroda से संबंधित बताई गई है। कुल मिलाकर करीब ₹5.71 करोड़ की बैंक गारंटी के आंशिक एन्कैशमेंट की बात सामने आई है।
RCOM की वित्तीय स्थिति पहले से कमजोर रही है और कंपनी दिवालिया समाधान प्रक्रिया से भी जुड़ी रही है। ऐसे में सरकारी बकाया और बैंक गारंटी से संबंधित नई कार्रवाई कंपनी की देनदारियों और वित्तीय स्थिति पर अतिरिक्त दबाव डाल सकती है।
RCOM के खिलाफ बैंकिंग क्षेत्र से जुड़ी चुनौतियां भी पुरानी हैं। अप्रैल 2026 में CBI ने SBI की शिकायत के आधार पर कंपनी से जुड़े बैंक फ्रॉड मामले में दो वरिष्ठ अधिकारियों को गिरफ्तार किया था। SBI की शिकायत में बैंक को करीब ₹2,929 करोड़ के नुकसान का आरोप लगाया गया था।
Bank of Baroda से जुड़ा एक अलग मामला भी सामने आ चुका है। फरवरी 2026 में CBI ने Bank of Baroda की शिकायत पर Reliance Communications और अन्य के खिलाफ मामला दर्ज किया था। सरकारी रिकॉर्ड के अनुसार इस मामले में बैंक को ₹2,220 करोड़ से अधिक के नुकसान का आरोप लगाया गया था।
RCOM से जुड़े घटनाक्रम का असर कंपनी के पुराने कर्ज और देनदारियों के समाधान पर भी पड़ सकता है। बैंक गारंटी के एन्कैशमेंट से कंपनी की देनदारियों और लाइसेंस संबंधी जिम्मेदारियों को लेकर आगे कानूनी और वित्तीय समीक्षा की जा सकती है।
फिलहाल RCOM के लिए यह एक और चुनौती है। कंपनी को एक तरफ अपनी दिवालिया प्रक्रिया और पुरानी वित्तीय देनदारियों से निपटना है, वहीं दूसरी ओर DoT की लाइसेंस फीस और बैंक गारंटी से जुड़ी कार्रवाई का सामना करना पड़ रहा है। आने वाले समय में कंपनी की ओर से इस मामले पर आगे क्या कदम उठाया जाता है, इस पर नजर रहेगी।



