
भारतीय शेयर बाजार में लगातार पांच सत्रों से चल रही तेजी पर गुरुवार को ब्रेक लग गया। बाजार में चौतरफा बिकवाली देखने को मिली, जिसका सबसे ज्यादा असर आईटी सेक्टर के शेयरों पर पड़ा। कमजोर वैश्विक संकेतों और मुनाफावसूली के चलते निवेशकों ने भारी मात्रा में शेयर बेचे, जिससे सेंसेक्स में 607 अंकों की गिरावट दर्ज की गई।
विशेषज्ञों के अनुसार, हालिया तेजी के बाद बाजार में करेक्शन अपेक्षित था। अमेरिकी बाजारों में कमजोरी और तकनीकी शेयरों पर दबाव ने भारतीय बाजार को भी प्रभावित किया। खासकर आईटी कंपनियों के शेयरों में तेज गिरावट देखी गई, जिससे पूरे बाजार की धारणा कमजोर हुई।
निफ्टी भी दबाव में रहा और प्रमुख सेक्टोरल इंडेक्स लाल निशान में बंद हुए। निवेशकों के लिए यह संकेत है कि बाजार में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है। विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि इस समय जल्दबाजी में खरीद-बिक्री से बचना चाहिए और मजबूत फंडामेंटल वाले शेयरों पर ध्यान देना बेहतर रणनीति हो सकती है।



