सिर्फ चलना काफी नहीं! सेहत के लिए सेकंड हार्ट को एक्टिव रखना क्यों है जरूरी

हेल्दी रहने के लिए लोग अक्सर वॉकिंग को सबसे आसान और प्रभावी व्यायाम मानते हैं। यह सच है कि रोज़ाना तेज़ चाल से चलना शरीर के लिए फायदेमंद होता है, लेकिन सिर्फ वॉक ही पर्याप्त नहीं है। शरीर को फिट और एनर्जेटिक बनाए रखने के लिए अपने ‘सेकंड हार्ट’ यानी काफ मसल्स (पिंडली की मांसपेशियों) को एक्टिव रखना बेहद ज़रूरी है। डॉक्टरों के अनुसार, काफ मसल्स शरीर में ब्लड सर्कुलेशन को बेहतर बनाने में हार्ट की तरह ही काम करती हैं। ये मांसपेशियां पैरों से खून को वापस ऊपर पंप करके दिल तक पहुंचाती हैं, इसलिए इन्हें ‘सेकंड हार्ट’ कहा जाता है। अगर ये मसल्स कमजोर हो जाएं या पर्याप्त रूप से सक्रिय न हों, तो पैरों में सूजन, वेरिकोज़ वेन्स, थकान, और ब्लड क्लॉट जैसी समस्याएं बढ़ने लगती हैं।
आज की लाइफस्टाइल में लोग घंटों बैठकर काम करते हैं, जिससे काफ मसल्स सुस्त पड़ जाती हैं। सिर्फ वॉक करने से इन मसल्स को उतनी अच्छी सक्रियता नहीं मिलती जितनी स्ट्रेंथ-बेस्ड और फ्लेक्सिबिलिटी एक्सरसाइज से मिलती है। इसलिए विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि पैदल चलने के अलावा रोज़ाना 10–15 मिनट काफ रेइज़, एंकल स्ट्रेच, हील-टो वॉक और लेग प्रेस जैसे एक्सरसाइज भी जरूर शामिल करने चाहिए। इससे पिंडलियों की मांसपेशियां मजबूत होती हैं और खून का संचार बेहतर होता है। इसके साथ ही शरीर को लंबे समय तक थकान महसूस नहीं होती और स्टैमिना भी बढ़ता है।
कई रिसर्च के अनुसार, जिन लोगों की काफ मसल्स एक्टिव रहती हैं, उनमें हार्ट डिजीज़, डायबिटीज़ और हाई BP का खतरा कम हो जाता है। ये मसल्स शरीर के बैलेंस को भी बेहतर बनाती हैं और बढ़ती उम्र में गिरने की आशंका को कम करती हैं। महिलाओं में मोच, एंकल पेन और लेग क्रैम्प जैसी समस्याओं से बचाव में भी ये काफी मददगार हैं। इसलिए अगर आप सच में लंबे समय तक हेल्दी और फिट रहना चाहते हैं, तो सिर्फ वॉकिंग पर निर्भर न रहें। अपने सेकंड हार्ट यानी काफ मसल्स को भी रोज़ाना उतना ही महत्व दें, क्योंकि मजबूत पिंडलियां पूरे शरीर की एनर्जी, सर्कुलेशन और मूवमेंट को बेहतर बनाती हैं। सही रूटीन अपनाएं, नियमित एक्सरसाइज करें और अपने शरीर को अंदर से मजबूत बनाएं।



