लाइफस्टाइल
माता-पिता का फेवरेट बच्चा: स्वार्थी व्यवहार से कैसे निपटें

Psychology के अनुसार परिवार में कभी-कभी माता-पिता अनजाने में किसी एक बच्चे को ज्यादा प्राथमिकता देने लगते हैं। इसे फेवरेटिज्म कहा जाता है, जो बच्चों के मानसिक और भावनात्मक विकास पर असर डाल सकता है।
ऐसी स्थिति में दूसरे बच्चे को असुरक्षा, कम आत्मविश्वास और भावनात्मक दूरी महसूस हो सकती है। यह स्थिति रिश्तों में तनाव और गलतफहमियां भी पैदा कर सकती है।
विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे हालात में खुद को भावनात्मक रूप से मजबूत रखना जरूरी है और तुलना करने के बजाय अपनी क्षमताओं पर ध्यान देना चाहिए। खुलकर बातचीत करना भी कई बार समाधान में मदद करता है।
कुल मिलाकर, परिवार में संतुलन और समझदारी बनाए रखना बेहद जरूरी है, ताकि रिश्तों में प्यार और सम्मान बना रहे और किसी भी बच्चे को भावनात्मक नुकसान न हो।



