बिना मैदा गेहूं के आटे से बनाएं फूली-फूली खस्ता कचौड़ी, जानें आटा गूंथने का सीक्रेट

कचौड़ी का नाम आते ही मुंह में स्वाद आ जाता है, लेकिन कई लोग मैदा खाने से बचते हैं। ऐसे में गेहूं के आटे से बनी फूली-फूली और खस्ता कचौड़ी एक बेहतरीन विकल्प हो सकती है। भरत की रसोई से मिली इस रेसिपी में आटा गूंथने का खास तरीका बताया गया है, जिससे कचौड़ी कुरकुरी बनती है।
इस कचौड़ी को बनाने के लिए गेहूं का आटा, सूजी, नमक, तेल या घी, अजवाइन और जरूरत के अनुसार पानी लिया जाता है। भरावन के लिए आप मूंग दाल, उड़द दाल या अपनी पसंद के मसालों का इस्तेमाल कर सकते हैं।
कचौड़ी को खस्ता बनाने का एक अहम सीक्रेट है आटा गूंथने का तरीका। आटे में थोड़ा सा मोयन यानी तेल या घी अच्छी तरह मिलाना जरूरी होता है। इसके बाद आटे को ज्यादा मुलायम न गूंथकर थोड़ा सख्त रखें और कुछ समय के लिए ढककर छोड़ दें। इससे कचौड़ी का टेक्सचर बेहतर आता है।
भरावन तैयार करने के लिए दाल को मसालों के साथ भूनकर सूखा मिश्रण बनाया जाता है। ध्यान रखें कि भरावन में नमी ज्यादा न हो, वरना कचौड़ी तलते समय फट सकती है।
कचौड़ियों को धीमी या मध्यम आंच पर तलने से वे अंदर तक अच्छी तरह पकती हैं और बाहर से कुरकुरी बनती हैं। तेज आंच पर तलने से ऊपर की परत जल्दी सुनहरी हो सकती है, लेकिन अंदर का हिस्सा कच्चा रह सकता है।
गेहूं के आटे की यह कचौड़ी चाय, दही, अचार या हरी चटनी के साथ परोसी जा सकती है। यह नाश्ते या शाम के स्नैक के लिए स्वादिष्ट और आसान विकल्प है।



