ईरान का ‘प्रोपेगेंडा वार’: फेक वीडियो और AI से फैला रहा भ्रम

विशेषज्ञों का मानना है कि ईरान अपने हालिया सैन्य नुकसान और क्षेत्रीय दबाव से ध्यान भटकाने के लिए प्रोपेगेंडा वार का सहारा ले रहा है। इसके तहत फेक वीडियो, एडिटेड क्लिप और AI तकनीक का इस्तेमाल करके भ्रम फैलाया जा रहा है।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, ईरान के सोशल मीडिया अभियान में झूठी जानकारी और गलत संदर्भ साझा किए जा रहे हैं, ताकि उसकी वास्तविक कमजोरियों को छुपाया जा सके। यह रणनीति आम जनता और अंतरराष्ट्रीय समुदाय दोनों को प्रभावित करने के लिए है।
AI आधारित वीडियो और फोटो मैनिपुलेशन तकनीक का इस्तेमाल कर वास्तविक घटनाओं को बदलकर पेश किया जा रहा है। इससे यह दिखाने की कोशिश की जाती है कि ईरान क्षेत्र में अधिक ताकतवर और प्रभावी स्थिति में है, जबकि वास्तविक स्थिति इसके विपरीत हो सकती है।
विशेषज्ञ चेतावनी दे रहे हैं कि इस तरह का प्रोपेगेंडा न केवल मध्य पूर्व की स्थिरता को खतरे में डालता है, बल्कि वैश्विक स्तर पर भी गलत धारणाओं और तनाव को बढ़ाता है। इसलिए सोशल मीडिया और मीडिया हाउसों को सावधानी बरतते हुए तथ्यों की पुष्टि करना जरूरी है।



