Yemen War: सरकार और हूतियों में खूनी जंग, 125 से ज्यादा मौतें

यमन में सरकार और हूती विद्रोहियों के बीच लंबे समय से जारी संघर्ष ने एक बार फिर गंभीर रूप ले लिया है। पश्चिमी तट और ताइज प्रांत के आसपास दोनों पक्षों के बीच भीषण लड़ाई की खबर है। हालिया संघर्ष में 125 से अधिक लोगों की मौत बताई जा रही है, जबकि दोनों पक्षों की ओर से भारी हथियारों का इस्तेमाल किया गया है।
हूती विद्रोहियों की गतिविधियों ने इस संघर्ष को इसलिए और महत्वपूर्ण बना दिया है क्योंकि उनकी नजर बाब-अल-मंदेब जलडमरूमध्य के आसपास के रणनीतिक इलाकों पर बताई जा रही है। यह संकरा समुद्री मार्ग लाल सागर को अदन की खाड़ी से जोड़ता है और वैश्विक समुद्री व्यापार के लिए बेहद अहम है।
रिपोर्ट के मुताबिक हूती लड़ाकों ने यमन के पश्चिमी तट पर सरकारी बलों के कब्जे वाले इलाकों की ओर बढ़ने के लिए कई मोर्चों पर अभियान तेज किया है। ताइज प्रांत में पहाड़ी इलाकों पर नियंत्रण हासिल करना उनके लिए रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि इन ऊंचाई वाले क्षेत्रों से तटीय इलाकों और प्रमुख आपूर्ति मार्गों पर नजर रखी जा सकती है।
3 सितंबर को हुई एक झड़प में यमन की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त सरकार के 13 सैनिकों के मारे जाने की भी जानकारी सामने आई थी। सैन्य सूत्रों के अनुसार, हूतियों ने बाब-अल-मंदेब की दिशा में आगे बढ़ने के उद्देश्य से पश्चिमी तट पर व्यापक हमला किया था।
बाब-अल-मंदेब क्यों है इतना अहम?
बाब-अल-मंदेब दुनिया के प्रमुख रणनीतिक समुद्री मार्गों में शामिल है। इसके जरिए लाल सागर और आगे स्वेज नहर की ओर जाने वाले जहाजों को महत्वपूर्ण समुद्री रास्ता मिलता है। इस क्षेत्र में किसी भी तरह की अस्थिरता का असर अंतरराष्ट्रीय शिपिंग, ऊर्जा आपूर्ति और माल ढुलाई की लागत पर पड़ सकता है।
हूतियों की समुद्री गतिविधियां पहले भी वैश्विक चिंता का कारण बन चुकी हैं। अगस्त 2026 में बाब-अल-मंदेब के पास एक वाणिज्यिक जहाज पर हूती हमले में छह लोगों की मौत और 10 लोगों के घायल होने की जानकारी सामने आई थी।
लाल सागर पर बढ़ सकता है दबाव
यमन में जमीन पर बढ़ती लड़ाई का असर समुद्र में भी दिखाई दे सकता है। यदि हूती विद्रोही बाब-अल-मंदेब के आसपास अपनी सैन्य मौजूदगी मजबूत करने में सफल होते हैं, तो इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग से गुजरने वाले जहाजों के लिए सुरक्षा जोखिम बढ़ सकता है।
इसका असर केवल यमन या मध्य पूर्व तक सीमित नहीं रहेगा। लाल सागर से होकर गुजरने वाला व्यापार एशिया, यूरोप और मध्य पूर्व के बीच आपूर्ति श्रृंखलाओं का महत्वपूर्ण हिस्सा है। किसी बड़े व्यवधान की स्थिति में जहाजों को वैकल्पिक और लंबे समुद्री मार्ग अपनाने पड़ सकते हैं।
संघर्ष का मानवीय असर भी गंभीर
यमन लंबे समय से राजनीतिक अस्थिरता और गृहयुद्ध से जूझ रहा है। नए सिरे से तेज हुई लड़ाई आम नागरिकों के लिए मुश्किलें बढ़ा सकती है। हिंसा बढ़ने के साथ विस्थापन, खाद्य संकट और बुनियादी सेवाओं पर दबाव की आशंका भी बनी रहती है।
फिलहाल सबसे बड़ी चिंता यह है कि पश्चिमी तट पर बढ़ रही सैन्य गतिविधियां कहीं बड़े क्षेत्रीय संघर्ष में न बदल जाएं। बाब-अल-मंदेब की रणनीतिक स्थिति को देखते हुए यहां किसी भी बड़े सैन्य टकराव का असर यमन से बाहर भी महसूस किया जा सकता है।
कुल मिलाकर, यमन में सरकारी बलों और हूतियों के बीच बढ़ती हिंसा ने क्षेत्रीय सुरक्षा की चिंता फिर बढ़ा दी है। 125 से ज्यादा मौतों के बीच बाब-अल-मंदेब के आसपास हूतियों की बढ़ती गतिविधियां लाल सागर के महत्वपूर्ण समुद्री व्यापार मार्ग के लिए भी चुनौती बन सकती हैं। आने वाले दिनों में यह देखना अहम होगा कि सरकारी बल हूतियों की इस बढ़त को रोक पाते हैं या संघर्ष और व्यापक होता है।



