‘मम्मी, बीयर पियोगी?’ बेटी के सवाल पर मां का जवाब वायरल, जानें बच्चों से ऐसे मुद्दों पर कैसे करें बात

बच्चे अक्सर अपनी जिज्ञासा के कारण ऐसे सवाल पूछ लेते हैं, जिनका जवाब देना माता-पिता के लिए आसान नहीं होता। ‘मम्मी, बीयर पियोगी?’ जैसे सवाल पर माता-पिता की प्रतिक्रिया बच्चे की सोच और समझ को प्रभावित कर सकती है।
ऐसे मामलों में सबसे जरूरी है कि बच्चे को डांटने या शर्मिंदा करने के बजाय उसकी जिज्ञासा को समझा जाए। बच्चे ने सवाल क्यों पूछा, वह क्या जानना चाहता है और उसकी उम्र क्या है—इन बातों को ध्यान में रखकर जवाब देना बेहतर होता है।
अगर बच्चा शराब या किसी नशे से जुड़ा सवाल पूछता है तो माता-पिता सरल भाषा में बता सकते हैं कि कुछ चीजें बड़ों के लिए होती हैं, लेकिन उनका सेवन स्वास्थ्य और शरीर पर असर डाल सकता है। बातचीत को डर या गुस्से की बजाय जानकारी और समझ पर आधारित रखना चाहिए।
पेरेंटिंग विशेषज्ञों के अनुसार, बच्चों के सवालों को बार-बार टालने से वे अपनी जानकारी दूसरे स्रोतों से लेने लग सकते हैं, जहां सही जानकारी मिले यह जरूरी नहीं। इसलिए घर में ऐसा माहौल होना चाहिए कि बच्चा अपनी बात आसानी से साझा कर सके।
बच्चों से संवेदनशील विषयों पर बात करते समय उनकी उम्र और समझ के स्तर का ध्यान रखें। छोटे बच्चों को सरल उदाहरणों से समझाया जा सकता है, जबकि बड़े बच्चों से स्वास्थ्य, जिम्मेदारी और सही-गलत के बारे में विस्तार से चर्चा की जा सकती है।
माता-पिता का शांत और भरोसेमंद रवैया बच्चों को यह महसूस कराता है कि वे किसी भी सवाल या परेशानी को लेकर परिवार से बात कर सकते हैं।



