स्ट्रोक से बचाव के लिए डाइट में शामिल करें ये 5 चीजें

स्ट्रोक एक गंभीर स्थिति है, जिसमें मस्तिष्क तक रक्त और ऑक्सीजन की आपूर्ति बाधित होने पर ब्रेन सेल्स को नुकसान पहुंच सकता है। इसके जोखिम को कम करने के लिए स्वस्थ खानपान के साथ ब्लड प्रेशर, कोलेस्ट्रॉल, डायबिटीज और वजन को नियंत्रित रखना भी जरूरी है।
डाइट में सबसे पहले हरी सब्जियों और अन्य रंग-बिरंगी सब्जियों को जगह दी जा सकती है। इनमें फाइबर, विटामिन, मिनरल और कई जरूरी पोषक तत्व पाए जाते हैं। नियमित रूप से पर्याप्त फल और सब्जियां खाना स्ट्रोक के जोखिम को कम करने वाली स्वस्थ जीवनशैली का हिस्सा माना जाता है।
साबुत अनाज भी बेहतर विकल्प हो सकते हैं। ओट्स, ब्राउन राइस, दलिया और साबुत गेहूं जैसे खाद्य पदार्थों में फाइबर होता है। रिफाइंड अनाज की जगह अधिक साबुत अनाज लेने से संपूर्ण डाइट की गुणवत्ता बेहतर की जा सकती है।
दालें, चना, राजमा और अन्य फलियां भी संतुलित डाइट में महत्वपूर्ण स्थान रखती हैं। इनमें प्रोटीन और फाइबर मिलता है, जो पेट भरने में मदद करता है और वजन तथा मेटाबॉलिक हेल्थ को बेहतर तरीके से मैनेज करने में सहायक हो सकता है।
बादाम, अखरोट और दूसरे बिना नमक वाले नट्स भी डाइट में शामिल किए जा सकते हैं। इनमें स्वस्थ वसा और अन्य पोषक तत्व पाए जाते हैं। हालांकि नट्स कैलोरी से भरपूर होते हैं, इसलिए इनकी मात्रा पर ध्यान देना जरूरी है।
स्वस्थ वसा के लिए सीमित मात्रा में ऑलिव ऑयल जैसे विकल्प और अन्य अनसैचुरेटेड फैट वाले खाद्य पदार्थ इस्तेमाल किए जा सकते हैं। वहीं ज्यादा सैचुरेटेड और ट्रांस फैट वाले खाद्य पदार्थों को कम करना हृदय और रक्त वाहिकाओं के स्वास्थ्य के लिए बेहतर माना जाता है।
सिर्फ पांच खाद्य पदार्थों को डाइट में शामिल करने से स्ट्रोक से पूरी तरह बचाव की गारंटी नहीं मिलती। हाई ब्लड प्रेशर स्ट्रोक का एक महत्वपूर्ण जोखिम कारक है, इसलिए नियमित स्वास्थ्य जांच, शारीरिक गतिविधि, धूम्रपान से दूरी और डॉक्टर द्वारा बताई गई दवाओं का पालन भी जरूरी है।
इसलिए स्ट्रोक से बचाव के लिए थाली में फल-सब्जियां, साबुत अनाज, दालें, नट्स और स्वस्थ वसा जैसे विकल्पों को संतुलित तरीके से शामिल किया जा सकता है। यदि किसी व्यक्ति को पहले से हाई BP, डायबिटीज, हाई कोलेस्ट्रॉल या हृदय संबंधी समस्या है, तो डाइट में बड़े बदलाव से पहले डॉक्टर या योग्य डाइटीशियन की सलाह लेना बेहतर है।



