अनकहे जज्बात और शरीर दर्द: नई स्टडी में सामने आया संबंध

नई रिसर्च में यह बात सामने आई है कि कई बार हमारे “अनकहे जज्बात” यानी दबे हुए भावनात्मक तनाव का असर सीधे शरीर पर दिखाई दे सकता है। लंबे समय तक तनाव, चिंता या भावनाओं को व्यक्त न करने की स्थिति में शरीर में दर्द और थकान जैसी समस्याएं बढ़ सकती हैं।
मनोवैज्ञानिकों के अनुसार मानसिक तनाव और शारीरिक दर्द के बीच गहरा संबंध होता है, जिसे साइकोसोमैटिक प्रभाव कहा जाता है। इसमें व्यक्ति की भावनात्मक स्थिति उसके शरीर के विभिन्न हिस्सों में दर्द के रूप में प्रकट हो सकती है।
अध्ययनों में पाया गया है कि लगातार दबे हुए भाव, चिंता और मानसिक दबाव से मांसपेशियों में तनाव बढ़ता है, जिससे सिरदर्द, पीठ दर्द और शरीर में अकड़न जैसी समस्याएं हो सकती हैं।
विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि भावनाओं को दबाने के बजाय उन्हें सही तरीके से व्यक्त करना, योग-ध्यान करना और मानसिक स्वास्थ्य का ध्यान रखना शरीर को स्वस्थ रखने में मदद कर सकता है।



