
अंतरराष्ट्रीय मजदूर दिवस हर साल 1 मई को मनाया जाता है, जिसका उद्देश्य श्रमिकों के अधिकारों, उनके योगदान और संघर्षों को सम्मान देना है। इस दिन को लेबर डे या श्रमिक दिवस भी कहा जाता है।
इसकी शुरुआत 19वीं सदी के अंत में अमेरिका के श्रमिक आंदोलन से मानी जाती है, जब मजदूरों ने काम के घंटे तय करने और बेहतर कार्य परिस्थितियों की मांग की थी। इसी संघर्ष ने धीरे-धीरे वैश्विक स्तर पर मजदूर अधिकार आंदोलन को जन्म दिया।
आज के समय में यह दिन न केवल श्रमिकों के योगदान को याद करने का अवसर है, बल्कि उनके अधिकारों, सुरक्षा और सम्मान को सुनिश्चित करने की दिशा में जागरूकता फैलाने का भी माध्यम है।
दुनिया भर में इस दिन रैलियां, कार्यक्रम और सम्मान समारोह आयोजित किए जाते हैं, जहां श्रमिकों की भूमिका को समाज और अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण बताया जाता है।



