Homemade Face Wash: किचन की इन चीजों से बनाएं देसी फेस वॉश

निखरी और बेदाग त्वचा पाने के लिए लोग अक्सर महंगे फेस वॉश, सीरम और स्किन केयर प्रोडक्ट्स पर काफी पैसा खर्च करते हैं। लेकिन अच्छी स्किन केयर का मतलब हमेशा महंगे प्रोडक्ट्स इस्तेमाल करना नहीं है। एक आसान और नियमित रूटीन, जिसमें चेहरे की सही तरह से सफाई, मॉइस्चराइजिंग और धूप से बचाव शामिल हो, त्वचा को स्वस्थ रखने में मदद कर सकता है।
घर में मौजूद कुछ चीजों से लोग देसी फेस वॉश या क्लेंजर तैयार करते हैं। बेसन, ओट्स पाउडर या मुल्तानी मिट्टी जैसी चीजों का इस्तेमाल पारंपरिक तौर पर त्वचा की सफाई के लिए किया जाता रहा है। हालांकि, प्राकृतिक या घरेलू होने का मतलब यह नहीं है कि हर चीज हर स्किन टाइप के लिए सुरक्षित होगी।
बेसन को पानी या किसी उपयुक्त हाइड्रेटिंग सामग्री के साथ मिलाकर हल्का पेस्ट बनाया जा सकता है। इसे चेहरे पर जोर से रगड़ने के बजाय धीरे-धीरे लगाकर धोना बेहतर है। स्क्रब की तरह तेज रगड़ने से त्वचा में जलन हो सकती है। डर्मेटोलॉजिस्ट भी चेहरे को साफ करते समय स्क्रबिंग से बचने की सलाह देते हैं।
ओट्स भी एक अपेक्षाकृत सौम्य विकल्प माना जाता है। विशेष रूप से colloidal oatmeal का इस्तेमाल संवेदनशील या ड्राई स्किन के लिए तैयार किए गए स्किन केयर प्रोडक्ट्स में किया जाता है। यह त्वचा को शांत रखने और नमी बनाए रखने में मदद कर सकता है।
अगर आपकी त्वचा बहुत तैलीय है तो मुल्तानी मिट्टी जैसे क्ले-बेस्ड विकल्प तेल को सोखने में मदद कर सकते हैं। लेकिन ड्राई या संवेदनशील त्वचा पर बार-बार ऐसे उत्पाद इस्तेमाल करने से रूखापन और जलन बढ़ सकती है। इसलिए अपनी स्किन टाइप को ध्यान में रखना जरूरी है।
घरेलू फेस वॉश में नींबू, बेकिंग सोडा या तेज खुशबू वाले एसेंशियल ऑयल जैसी चीजें सीधे चेहरे पर लगाने से बचना बेहतर है। डर्मेटोलॉजिस्ट के अनुसार कुछ फ्रेगरेंस और एसेंशियल ऑयल त्वचा में जलन या एलर्जी पैदा कर सकते हैं।
किसी भी नए घरेलू फेस वॉश को पूरे चेहरे पर लगाने से पहले पैच टेस्ट जरूर करें। अमेरिकन एकेडमी ऑफ डर्मेटोलॉजी नए स्किन केयर उत्पाद को पहले छोटे हिस्से पर टेस्ट करने की सलाह देती है, ताकि लालिमा, खुजली या सूजन जैसी प्रतिक्रिया का पता चल सके।
चेहरे की सफाई के लिए बहुत गर्म पानी की जगह हल्के गुनगुने पानी का इस्तेमाल करें और तौलिये से त्वचा को रगड़ने के बजाय धीरे से थपथपाकर सुखाएं। सामान्य तौर पर चेहरा दिन में दो बार और ज्यादा पसीना आने के बाद साफ करना पर्याप्त हो सकता है।
सिर्फ फेस वॉश से बेदाग त्वचा की गारंटी नहीं मिलती। मुंहासे, दाग-धब्बे या पिगमेंटेशन जैसी समस्याओं के लिए कारण के अनुसार अलग उपचार की जरूरत पड़ सकती है। इसलिए लगातार त्वचा संबंधी परेशानी होने पर घरेलू नुस्खों के बजाय डर्मेटोलॉजिस्ट की सलाह लेना बेहतर है।
कुल मिलाकर, महंगा होना किसी स्किन केयर प्रोडक्ट के बेहतर होने की गारंटी नहीं है, लेकिन हर घरेलू नुस्खा भी सुरक्षित नहीं होता। त्वचा को साफ रखने के लिए सौम्य क्लींजर, मॉइस्चराइजर और रोजाना सन प्रोटेक्शन वाली सरल रूटीन ज्यादा भरोसेमंद विकल्प है।



