पहाड़ों पर कान क्यों बंद होते हैं? जानिए Eustachian Tube का क्या है कनेक्शन

पहाड़ों पर पहुंचते ही अगर आपको कान में भरा-भरा महसूस होना, दबाव या आवाज कम सुनाई देना शुरू हो जाता है, तो आमतौर पर घबराने की जरूरत नहीं होती। यही अनुभव कई लोगों को फ्लाइट के टेकऑफ या लैंडिंग के समय भी होता है। इसकी मुख्य वजह वातावरण के हवा के दबाव में तेजी से बदलाव है। (msdmanuals.com)
कान के अंदर मध्य कान (Middle Ear) होता है, जिसके दोनों तरफ दबाव संतुलित रहना जरूरी है। इस काम में Eustachian Tube महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। यह एक छोटी नली है जो मध्य कान को नाक के पीछे मौजूद हिस्से से जोड़ती है और निगलने या जम्हाई लेने जैसी गतिविधियों के दौरान खुलकर हवा को आने-जाने देती है।
जब आप ऊंचाई की ओर जाते हैं, तो आसपास के वायुदाब में बदलाव होता है। अगर Eustachian Tube तुरंत नहीं खुलती, तो मध्य कान के अंदर और बाहर के दबाव में अंतर पैदा हो जाता है। यही अंतर कान में ब्लॉकेज, प्रेशर, दर्द या सुनने में थोड़ी कमी जैसा एहसास करा सकता है। (clevelandclinic.org)
इसी वजह से कई बार पहाड़ों पर जाते हुए कान अचानक बंद और फिर कुछ देर बाद खुलते महसूस होते हैं। जब Eustachian Tube खुलती है और दोनों तरफ हवा का दबाव संतुलित हो जाता है, तो कान में हल्का पॉप जैसा महसूस हो सकता है और सुनाई देना सामान्य हो जाता है।
कान के इस दबाव को कम करने के लिए जम्हाई लेना, बार-बार निगलना, पानी पीना या च्युइंग गम चबाना मददगार हो सकता है। फ्लाइट में खासकर टेकऑफ और लैंडिंग के दौरान निगलने या जम्हाई लेने से Eustachian Tube के खुलने में मदद मिल सकती है। (msdmanuals.com)
अगर नाक बंद है, सर्दी-जुकाम है या एलर्जी के कारण नाक और गले के आसपास सूजन है, तो Eustachian Tube का खुलना मुश्किल हो सकता है। ऐसे में कान का दबाव ज्यादा देर तक रह सकता है। (clevelandclinic.org)
कुछ लोग कान का प्रेशर बराबर करने के लिए Valsalva maneuver करते हैं, जिसमें नाक बंद करके मुंह बंद रखते हुए बहुत हल्के दबाव से हवा बाहर निकालने की कोशिश की जाती है। इसे बहुत जोर से नहीं करना चाहिए, क्योंकि ज्यादा दबाव कान को नुकसान पहुंचा सकता है। (msdmanuals.com)
आमतौर पर ऊंचाई बदलने के कारण होने वाला कान का दबाव कुछ समय में खुद ठीक हो जाता है। लेकिन अगर तेज दर्द, कान से पानी या खून आना, चक्कर, सुनाई देने में स्पष्ट कमी या लंबे समय तक कान बंद रहना जैसी समस्या हो, तो ENT विशेषज्ञ से जांच कराना बेहतर है।
इसलिए अगली बार पहाड़ों पर जाते समय कान बंद हों तो इसकी वजह किसी रहस्यमयी बीमारी से ज्यादा हवा के दबाव और Eustachian Tube के काम करने के तरीके से जुड़ी हो सकती है।



