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Iran Shahed Drone: अमेरिकी LOCUST X3 करेगा ड्रोन का खात्मा, US Army ने दिया बड़ा ऑर्डर

ईरान के Shahed ड्रोन ने आधुनिक युद्ध में कम लागत वाले ड्रोन हमलों की ताकत दिखा दी है। अब इन खतरों से निपटने के लिए अमेरिका ने हाई-एनर्जी लेजर हथियारों पर बड़ा दांव लगाया है। अमेरिकी सेना ने LOCUST X3 के लिए करीब 464.8 मिलियन डॉलर का अनुबंध किया है। यह अमेरिकी सेना का हाई-एनर्जी लेजर हथियार के लिए पहला उत्पादन अनुबंध बताया जा रहा है।

LOCUST X3 को अमेरिकी कंपनी AeroVironment ने विकसित किया है। यह करीब 30 किलोवाट क्षमता वाला लेजर सिस्टम है, जिसे विशेष रूप से ड्रोन जैसे हवाई खतरों को रोकने के लिए तैयार किया गया है। कंपनी के अनुसार सिस्टम को अमेरिकी सेना के Enduring-High Energy Laser यानी E-HEL कार्यक्रम के तहत इस्तेमाल किया जाएगा।

Shahed ड्रोन क्यों बना चुनौती?

ईरान के Shahed-136 जैसे वन-वे अटैक ड्रोन अपेक्षाकृत कम लागत में बड़े पैमाने पर इस्तेमाल किए जा सकते हैं। यही वजह है कि इन्हें रोकने के लिए महंगी मिसाइलों का लगातार इस्तेमाल करना रक्षा प्रणालियों के लिए आर्थिक चुनौती बन सकता है।

अमेरिकी सेना के अधिकारियों के मुताबिक LOCUST X3 को Group 3 ड्रोन जैसे खतरों के खिलाफ तैयार किया गया है। इस श्रेणी में Shahed जैसे अपेक्षाकृत बड़े और लंबी दूरी तक उड़ान भरने वाले ड्रोन शामिल हो सकते हैं। AeroVironment के एक अधिकारी ने इसे इसी तरह के खतरों के लिए तैयार सिस्टम बताया है।

कैसे काम करता है LOCUST X3?

LOCUST X3 पारंपरिक मिसाइल की तरह लक्ष्य पर विस्फोटक नहीं दागता। यह निर्देशित ऊर्जा यानी हाई-एनर्जी लेजर का इस्तेमाल करता है। लेजर बीम को लक्ष्य के संवेदनशील हिस्से पर केंद्रित करके उसे गर्म किया जाता है, जिससे ड्रोन की संरचना या महत्वपूर्ण सिस्टम नष्ट हो सकता है।

इस तकनीक का सबसे बड़ा फायदा यह है कि एक लक्ष्य पर हमला करने के लिए हर बार अलग मिसाइल खर्च नहीं करनी पड़ती। उपलब्ध विद्युत ऊर्जा के आधार पर सिस्टम लगातार कई लक्ष्यों से निपटने की क्षमता विकसित कर सकता है।

ड्रोन स्वॉर्म के खिलाफ उपयोगी

आधुनिक युद्ध में ड्रोन स्वॉर्म यानी बड़ी संख्या में एक साथ आने वाले ड्रोन एक गंभीर चुनौती बन चुके हैं। ऐसी स्थिति में पारंपरिक एयर डिफेंस सिस्टम के सामने कम समय में कई लक्ष्यों को रोकने की चुनौती होती है।

LOCUST X3 जैसे लेजर सिस्टम कम लागत वाले ड्रोन के खिलाफ अपेक्षाकृत कम लागत में बार-बार कार्रवाई करने का विकल्प देते हैं। यही कारण है कि अमेरिका अपनी बहुस्तरीय एयर डिफेंस व्यवस्था में डायरेक्टेड-एनर्जी हथियारों को शामिल करने पर जोर दे रहा है।

464.8 मिलियन डॉलर का बड़ा सौदा

अमेरिकी सेना का यह अनुबंध केवल परीक्षण के लिए नहीं है। इसके तहत आने वाले वर्षों में दर्जनों LOCUST X3 सिस्टम उपलब्ध कराने के साथ प्रशिक्षण और तकनीकी सहायता भी शामिल है। इससे संकेत मिलता है कि अमेरिका लेजर आधारित काउंटर-ड्रोन हथियारों को प्रयोगात्मक तकनीक से आगे बढ़ाकर नियमित सैन्य क्षमता बनाने की दिशा में बढ़ रहा है।

मिसाइलों के मुकाबले लागत का फायदा

ड्रोन युद्ध में लागत का अंतर एक महत्वपूर्ण मुद्दा है। यदि कम कीमत वाले ड्रोन को रोकने के लिए बहुत महंगे इंटरसेप्टर का इस्तेमाल किया जाए, तो लंबे समय तक चलने वाले संघर्ष में एयर डिफेंस का खर्च काफी बढ़ सकता है।

लेजर हथियार इस चुनौती को कम करने की क्षमता रखते हैं। AeroVironment ने LOCUST सिस्टम के एक्शन की लागत को प्रति एंगेजमेंट कुछ डॉलर के स्तर पर बताया है, हालांकि वास्तविक परिचालन लागत परिस्थितियों और सिस्टम के इस्तेमाल पर निर्भर करेगी।

क्या यह Shahed का सीधा जवाब है?

LOCUST X3 को Shahed-136 जैसे Group 3 ड्रोन के खिलाफ डिजाइन किया गया है, इसलिए इसे ऐसे खतरों के लिए महत्वपूर्ण अमेरिकी जवाब माना जा सकता है। हालांकि इसे किसी एक ड्रोन को हराने वाला ‘अचूक हथियार’ मानना सही नहीं होगा। मौसम, दूरी, लक्ष्य की गति और सिस्टम की ऊर्जा उपलब्धता जैसे कारक लेजर की प्रभावशीलता को प्रभावित कर सकते हैं।

इसके बावजूद अमेरिका का यह कदम स्पष्ट संकेत देता है कि भविष्य की एयर डिफेंस व्यवस्था में लेजर, इलेक्ट्रॉनिक वारफेयर, इंटरसेप्टर ड्रोन और पारंपरिक मिसाइलों का संयोजन महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

LOCUST X3 का उत्पादन स्तर पर जाना आधुनिक युद्ध में एक बड़े बदलाव की ओर संकेत करता है। सस्ते और बड़ी संख्या में इस्तेमाल होने वाले ड्रोन के सामने महंगे इंटरसेप्टर पर निर्भरता कम करने के लिए हाई-एनर्जी लेजर एक अहम विकल्प बन सकता है। ईरान के Shahed जैसे ड्रोन ने जिस चुनौती को सामने रखा है, अमेरिका अब उसका जवाब नई पीढ़ी की डायरेक्टेड-एनर्जी तकनीक से देने की तैयारी कर रहा है।

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