भारत से रिश्ते सुधारना चाहते हैं तारिक रहमान, शेख हसीना पर भी दिया बयान

बांग्लादेश के प्रधानमंत्री तारिक रहमान ने भारत के साथ द्विपक्षीय संबंधों को लेकर अपना रुख स्पष्ट किया है। उन्होंने दोनों देशों के बीच रिश्तों को बेहतर बनाने के लिए अनुकूल माहौल बनाने की आवश्यकता बताई है। तारिक रहमान की यह टिप्पणी ऐसे समय आई है जब भारत और बांग्लादेश के संबंधों में शेख हसीना के मुद्दे को लेकर संवेदनशीलता बनी हुई है।
भारत के साथ रिश्ते सुधारने पर जोर
तारिक रहमान सरकार भारत के साथ संबंधों को स्थिर और बेहतर बनाने की कोशिश कर रही है। दोनों देशों के बीच व्यापार, सीमा सुरक्षा, कनेक्टिविटी और क्षेत्रीय सहयोग जैसे कई महत्वपूर्ण मुद्दे हैं। ऐसे में ढाका की ओर से रिश्तों को सामान्य बनाने का संकेत भारत-बांग्लादेश संबंधों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
शेख हसीना के प्रत्यर्पण का मुद्दा
पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना का प्रत्यर्पण बांग्लादेश के लिए प्रमुख राजनीतिक मुद्दा बना हुआ है। हसीना अगस्त 2024 में बांग्लादेश छोड़कर भारत आ गई थीं। इसके बाद ढाका ने भारत से उनके प्रत्यर्पण की मांग की। नवंबर 2025 में बांग्लादेश की अदालत ने उन्हें मानवता के खिलाफ अपराधों के मामले में दोषी ठहराते हुए मृत्युदंड सुनाया था।
भारत ने क्या कहा?
भारत ने शेख हसीना के प्रत्यर्पण के मामले में कहा है कि अनुरोध की समीक्षा कानूनी प्रक्रियाओं के तहत की जा रही है। भारत ने साथ ही बांग्लादेश के साथ रचनात्मक संबंध बनाए रखने की प्रतिबद्धता भी दोहराई है।
हसीना की ढाका वापसी पर नजर
शेख हसीना की भारत में मौजूदगी और उनकी संभावित ढाका वापसी का मुद्दा दोनों देशों की कूटनीति को प्रभावित कर रहा है। बांग्लादेश की मौजूदा सरकार जहां उनके प्रत्यर्पण की मांग पर कायम है, वहीं भारत के लिए यह मामला कानूनी और कूटनीतिक दोनों स्तरों पर संवेदनशील है।
तारिक रहमान के हालिया रुख से संकेत मिलता है कि ढाका भारत के साथ संबंधों को केवल एक मुद्दे तक सीमित रखने के बजाय व्यापक द्विपक्षीय सहयोग को आगे बढ़ाना चाहता है। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि हसीना के प्रत्यर्पण जैसे संवेदनशील मुद्दे के बीच दोनों देश रिश्तों को किस तरह आगे बढ़ाते हैं।



