
पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच इस्लामाबाद में हुई शांति वार्ता के विफल होने को लेकर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं तेज हो गई हैं। ईरानी संसद के अध्यक्ष मोहम्मद-बाक़ेर गालिबाफ ने इस वार्ता के असफल रहने के पीछे मुख्य कारणों में अमेरिका पर भरोसे की कमी को बताया है।
गालिबाफ के अनुसार, मौजूदा कूटनीतिक माहौल में विश्वास की कमी और पिछले समझौतों के अनुभवों ने बातचीत को आगे बढ़ने से रोक दिया। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि क्षेत्रीय शक्तियों के बीच मतभेद इस प्रक्रिया को और जटिल बना रहे हैं।
इस विफल वार्ता के बाद पश्चिम एशिया में तनाव कम होने की उम्मीदों को झटका लगा है। विशेषज्ञों का मानना है कि जब तक प्रमुख देशों के बीच भरोसा नहीं बनता, तब तक किसी स्थायी शांति समझौते की संभावना बेहद कम है।



