Trump Third Term: तीसरी बार राष्ट्रपति बनने की राह में कहां फंसेगा पेंच?

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के तीसरे कार्यकाल को लेकर एक बार फिर चर्चा तेज हो गई है। ट्रंप ने 2028 में फिर से राष्ट्रपति चुनाव लड़ने की इच्छा जताई है, लेकिन उनके सामने सबसे बड़ी संवैधानिक बाधा 22वां संशोधन है। ट्रंप 2016 और 2024 में राष्ट्रपति चुनाव जीत चुके हैं, इसलिए मौजूदा संवैधानिक व्यवस्था के तहत वह तीसरी बार निर्वाचित नहीं हो सकते।
ट्रंप ने हाल ही में तीसरे कार्यकाल के सवाल पर कहा कि वह चुनाव लड़ना पसंद करेंगे, लेकिन कानून बहुत मजबूत है। यह बयान उनके पहले के उन बयानों से कुछ अलग है, जिनमें उन्होंने 2028 में दोबारा चुनाव लड़ने की संभावना को लेकर संकेत दिए थे।
22वां संशोधन क्या कहता है?
अमेरिकी संविधान के 22वें संशोधन के मुताबिक कोई भी व्यक्ति दो बार से अधिक अमेरिका का राष्ट्रपति निर्वाचित नहीं हो सकता। यह सीमा लगातार दो कार्यकाल के साथ-साथ गैर-लगातार कार्यकाल पर भी लागू होती है। ट्रंप ने 2016 और 2024 में जीत दर्ज की है, इसलिए 2028 में तीसरी बार निर्वाचित होना मौजूदा नियमों के तहत संभव नहीं है।
फिर ट्रंप के सामने क्या रास्ता है?
अगर ट्रंप को संवैधानिक रूप से तीसरी बार चुनाव लड़ने का रास्ता बनाना है, तो 22वें संशोधन में बदलाव करना सबसे सीधा कानूनी रास्ता होगा। अमेरिकी संविधान में संशोधन की प्रक्रिया बेहद कठिन है और इसके लिए संघीय स्तर पर व्यापक समर्थन के साथ राज्यों की भी मंजूरी जरूरी होती है। इसलिए यह कोई आसान राजनीतिक प्रक्रिया नहीं है।
इसी वजह से ट्रंप के तीसरे कार्यकाल की चर्चा फिलहाल ज्यादा राजनीतिक और संवैधानिक बहस का विषय है, न कि सामान्य चुनावी उम्मीदवारी। अमेरिकी कानूनी विशेषज्ञों के बीच भी इस बात पर व्यापक सहमति है कि मौजूदा 22वें संशोधन के रहते ट्रंप तीसरी बार राष्ट्रपति निर्वाचित नहीं हो सकते।
हालांकि, ट्रंप के हालिया बयान से इतना जरूर साफ है कि 2028 का चुनाव और उनके बाद रिपब्लिकन नेतृत्व अमेरिकी राजनीति में अभी से महत्वपूर्ण मुद्दा बन चुका है। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि ट्रंप तीसरे कार्यकाल की अपनी इच्छा को आगे किस राजनीतिक रूप में रखते हैं और 2028 के लिए रिपब्लिकन पार्टी में किस नेता को समर्थन देते हैं।



