ट्रंप की ओमान को धमकी, होर्मुज पर बोले- बीच में आया तो करेंगे तबाह

मध्य पूर्व में अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ता नजर आ रहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर ओमान को खुली चेतावनी दी है। ट्रंप का यह बयान ऐसे समय आया है जब ओमान और ईरान इस जलमार्ग से जहाजों की आवाजाही को लेकर बातचीत कर रहे हैं।
ट्रंप ने फॉक्स न्यूज के पत्रकार ट्रे यिंगस्ट से बातचीत में कहा कि यदि ओमान अमेरिका के रास्ते में आता है तो उसे गंभीर सैन्य कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है। उनकी इस टिप्पणी को क्षेत्र में बढ़ते तनाव के बीच बेहद आक्रामक बयान के तौर पर देखा जा रहा है।
ओमान की भूमिका इस पूरे विवाद में अहम है। मस्कट लंबे समय से अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत के लिए मध्यस्थ की भूमिका निभाता रहा है। इस बार भी ओमान और ईरान होर्मुज जलडमरूमध्य में सुरक्षित समुद्री आवाजाही के लिए संभावित व्यवस्था पर बातचीत कर रहे हैं।
ट्रंप ने ईरान के रवैये पर भी तीखी टिप्पणी की। उन्होंने ईरानियों को “अच्छा पोकर खिलाड़ी” बताते हुए दावा किया कि वे दबाव में हैं और उन्हें आत्मसमर्पण करना चाहिए। ट्रंप ने यह भी कहा कि वह ईरान के साथ संघर्ष खत्म करने की कोई जल्दबाजी में नहीं हैं।
होर्मुज जलडमरूमध्य वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के लिए बेहद महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग है। संघर्ष से पहले दुनिया के समुद्री रास्ते से होने वाले तेल और गैस व्यापार का करीब पांचवां हिस्सा इस मार्ग से गुजरता था। इसलिए यहां लंबे समय तक व्यवधान से वैश्विक ऊर्जा बाजार और ईंधन कीमतों पर असर पड़ सकता है।
अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत के लिए तय 60 दिनों की समयसीमा भी 17 अगस्त को बिना किसी अंतिम समझौते के समाप्त हो गई। होर्मुज को फिर से खोलना और ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर बातचीत इस प्रक्रिया के प्रमुख मुद्दों में रहे हैं।
इस बीच ईरान और ओमान की ओर से होर्मुज में जहाजों की आवाजाही को लेकर एक संभावित समझौते पर काम किए जाने की खबर है। प्रस्तावित व्यवस्था में समुद्री मार्गों को लेकर दोनों देशों के बीच समन्वय शामिल हो सकता है। हालांकि इसके अंतिम स्वरूप को लेकर अभी स्थिति पूरी तरह स्पष्ट नहीं है।
ट्रंप की ओमान को चेतावनी ने इस कूटनीतिक प्रक्रिया को और संवेदनशील बना दिया है। एक ओर ओमान मध्यस्थ की भूमिका निभा रहा है, वहीं दूसरी ओर अमेरिका होर्मुज में अपनी रणनीतिक प्राथमिकताओं को लेकर दबाव बढ़ा रहा है। इससे क्षेत्रीय तनाव और बढ़ने की आशंका बनी हुई है।
कुल मिलाकर होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर अमेरिका, ईरान और ओमान के बीच टकराव अब केवल समुद्री आवाजाही का मुद्दा नहीं रह गया है। इसके साथ ऊर्जा सुरक्षा, क्षेत्रीय शक्ति संतुलन और अमेरिका-ईरान संबंध भी जुड़े हुए हैं। ट्रंप के ताजा बयान के बाद आने वाले दिनों में ओमान की मध्यस्थता और होर्मुज में समुद्री यातायात पर पूरी दुनिया की नजर रहेगी।



