सपा से निष्कासित विधायक पूजा पाल की DGP से मुलाकात | धमकियों का आरोप, बोलीं- अखिलेश के सामने नंबर बढ़ाने के लिए हो रहा दबाव

उत्तर प्रदेश की सियासत में इन दिनों हलचल तेज हो गई है। समाजवादी पार्टी (सपा) से निष्कासित विधायक पूजा पाल ने अब बड़ा कदम उठाते हुए प्रदेश के पुलिस महानिदेशक (DGP) से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने आरोप लगाया कि उन्हें लगातार धमकियां मिल रही हैं और यह सब कुछ अखिलेश यादव के सामने अपनी पकड़ और नंबर बढ़ाने की होड़ में किया जा रहा है। पूजा पाल ने कहा कि पार्टी से निकाले जाने के बाद से ही उन्हें मानसिक और राजनीतिक दबाव का सामना करना पड़ रहा है।
पूजा पाल का कहना है कि कुछ लोग उन्हें साजिश के तहत निशाना बना रहे हैं। उनका आरोप है कि सपा से बाहर किए जाने के बाद उनके खिलाफ वातावरण तैयार करने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने यह भी कहा कि वे किसी भी तरह के दबाव में झुकने वाली नहीं हैं और न ही अपनी सुरक्षा के साथ कोई समझौता करेंगी। यही वजह है कि उन्होंने DGP से मिलकर मामले की पूरी जानकारी दी और सुरक्षा मुहैया कराने की मांग की।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि पूजा पाल का यह कदम सीधे-सीधे समाजवादी पार्टी और उसकी मौजूदा रणनीतियों पर सवाल खड़ा करता है। जिस तरह उन्होंने पार्टी नेतृत्व पर अप्रत्यक्ष तौर पर हमला बोला है, उससे यह साफ झलकता है कि सपा के अंदरखाने में खींचतान और गुटबाजी का दौर जारी है। पार्टी से निष्कासन के बाद भी पूजा पाल सुर्खियों में बनी हुई हैं, जो सपा के लिए असहज स्थिति पैदा कर रहा है।
पूजा पाल ने मीडिया से बातचीत में कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में हर किसी को अपनी बात रखने का अधिकार है। उन्होंने आरोप लगाया कि उन्हें चुप कराने और राजनीतिक रूप से कमजोर करने की कोशिश की जा रही है। उनका यह भी कहना है कि अगर उन्हें कुछ होता है तो इसकी जिम्मेदारी उन लोगों की होगी जो आज उन्हें धमकाने और डराने का काम कर रहे हैं।
उधर, पुलिस विभाग ने पूजा पाल की शिकायत को गंभीरता से लेते हुए मामले की जांच शुरू कर दी है। DGP ने उन्हें भरोसा दिलाया कि उनकी सुरक्षा में किसी भी तरह की कमी नहीं होने दी जाएगी और जो भी लोग उन्हें धमका रहे हैं, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
सपा से निष्कासन और अब इस पूरे विवाद ने राजनीतिक हलकों में हलचल मचा दी है। माना जा रहा है कि आने वाले समय में पूजा पाल का यह मुद्दा प्रदेश की राजनीति में बड़ा विमर्श बन सकता है। विपक्षी दल भी इस मामले को उठाकर सपा को घेरने की कोशिश कर सकते हैं।
कुल मिलाकर, पूजा पाल और समाजवादी पार्टी के बीच बढ़ता यह टकराव यूपी की सियासत में एक नई कहानी बुन रहा है। जहां एक तरफ सपा अपने संगठनात्मक ढांचे को मजबूत करने का दावा कर रही है, वहीं दूसरी ओर पार्टी से निकाले गए विधायक के आरोप उसकी छवि को धक्का पहुंचा रहे हैं।



