66 घंटे में 63 लाख महिलाओं ने की मुफ्त यात्रा: रक्षाबंधन योजना बनी ऐतिहासिक पहल

उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा रक्षाबंधन के अवसर पर शुरू की गई मुफ्त बस यात्रा योजना ने इतिहास रच दिया। इस योजना के तहत केवल 66 घंटों में 63 लाख से अधिक महिलाओं ने प्रदेश की रोडवेज बसों में निःशुल्क यात्रा की। परिवहन मंत्री ने इसे एक ऐतिहासिक पहल करार देते हुए कहा कि सरकार का लक्ष्य महिलाओं को सुरक्षित, सुलभ और किफायती परिवहन उपलब्ध कराना है।
इस योजना का लाभ केवल महिलाओं तक ही सीमित नहीं रहा, बल्कि उनके साथ यात्रा करने वाले 15 लाख सहयात्रियों को भी निःशुल्क सेवा प्रदान की गई। इस प्रकार कुल मिलाकर लगभग 78 लाख यात्रियों ने इस योजना का लाभ उठाया। परिवहन विभाग की ओर से अतिरिक्त बसें चलाई गईं ताकि किसी यात्री को असुविधा का सामना न करना पड़े।
परिवहन मंत्री ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर हर साल रक्षाबंधन के अवसर पर महिलाओं को यह सुविधा दी जाती है। इस वर्ष रिकॉर्ड तोड़ संख्या में महिलाओं ने इस योजना का लाभ उठाया, जो प्रदेश में महिलाओं की सामाजिक भागीदारी और आत्मनिर्भरता का प्रतीक है।
रक्षाबंधन जैसे पर्व पर भाई-बहन का रिश्ता और भी प्रगाढ़ होता है। सरकार ने यह सुनिश्चित किया कि कोई भी बहन केवल आर्थिक कारणों से अपने भाई तक न पहुँचने से वंचित न रह जाए। इसी दृष्टिकोण से यह पहल शुरू की गई थी। महिलाओं ने इस योजना को लेकर बेहद उत्साह दिखाया और सोशल मीडिया पर भी अपने अनुभव साझा किए।
विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाली महिलाएं और छात्राएं इस सुविधा का अधिकतम लाभ उठा सकीं। जहां निजी वाहन न होने के कारण या महंगी यात्रा सुविधा के चलते कई बार बहनों के लिए अपने भाई तक पहुँचना कठिन होता था, वहीं इस योजना ने उनकी समस्या को दूर किया।
योजना के सफल क्रियान्वयन के लिए रोडवेज प्रशासन ने बेहतर प्रबंधन किया। पर्याप्त बसों की व्यवस्था, सुरक्षा कर्मियों की तैनाती और बस अड्डों पर सहायता केंद्रों के जरिए महिलाओं को सुविधा प्रदान की गई।
इस पहल ने एक बार फिर यह साबित किया कि सरकार केवल घोषणाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि महिलाओं और उनके परिवारों की सुविधा के लिए ठोस कदम उठा रही है। रक्षाबंधन योजना न केवल महिला सशक्तिकरण और सामाजिक समानता का प्रतीक बनी, बल्कि यह भी दिखा दिया कि सामूहिक प्रयासों से कोई भी योजना बड़े स्तर पर सफलता हासिल कर सकती है।



