Iran Nuclear Site: पिक्सैक्स माउंटेन में बढ़ी हलचल, क्या अमेरिका करेगा हमला?

ईरान के गुप्त भूमिगत परमाणु ठिकाने पिक्सैक्स माउंटेन को लेकर एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय हलचल बढ़ गई है। नई सैटेलाइट तस्वीरों में इस क्षेत्र में निर्माण और सड़क संबंधी गतिविधियों में उल्लेखनीय तेजी दिखाई दी है। यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है जब अमेरिका और ईरान के बीच तनाव लगातार बना हुआ है।
क्या है पिक्सैक्स माउंटेन?
पिक्सैक्स माउंटेन ईरान के इस्फहान प्रांत में नतांज परमाणु परिसर से करीब दो किलोमीटर दूर स्थित एक गहरी भूमिगत सुरंग प्रणाली है। इसे कठोर ग्रेनाइट पहाड़ के नीचे बनाया गया है, जिससे यह सामान्य हवाई हमलों के मुकाबले बेहद सुरक्षित माना जाता है।
सैटेलाइट तस्वीरों में क्या दिखा?
विश्लेषण के मुताबिक 2026 में यहां सड़क निर्माण, सुरंग के प्रवेश द्वारों को मजबूत करने और बाहरी हिस्सों में कंक्रीट व अन्य सुरक्षा कार्यों में तेजी देखी गई है। निर्माण से निकलने वाली मिट्टी और मलबे को हटाने के संकेत भी मिले हैं। इससे पता चलता है कि परिसर निर्माण के एक नए चरण में पहुंच रहा है।
क्या यहां परमाणु गतिविधि हो रही है?
यही सबसे बड़ा सवाल है। कुछ खुफिया आकलनों में दावा किया गया है कि ईरान ने यहां सेंट्रीफ्यूज या परमाणु उपकरण पहुंचाए हो सकते हैं। लेकिन सार्वजनिक रूप से उपलब्ध सैटेलाइट तस्वीरें इन दावों की पुष्टि नहीं करतीं। विशेषज्ञ विश्लेषण के अनुसार साइट पर अभी निर्माण गतिविधि जारी है और इससे यह निश्चित नहीं होता कि वहां यूरेनियम संवर्धन शुरू हो चुका है।
अमेरिका की नजर क्यों?
पिक्सैक्स माउंटेन की मजबूत भूमिगत संरचना इसे अमेरिका के लिए चुनौतीपूर्ण लक्ष्य बनाती है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल में संकेत दिया है कि अगर परिस्थितियां बिगड़ती हैं तो अमेरिका इस ठिकाने को निशाना बना सकता है।
ईरान का परमाणु कार्यक्रम बना चिंता का कारण
ईरान लगातार कहता रहा है कि उसका परमाणु कार्यक्रम शांतिपूर्ण उद्देश्यों के लिए है। दूसरी ओर, अंतरराष्ट्रीय निरीक्षण और ईरान के परमाणु भंडार को लेकर सवाल बने हुए हैं। IAEA के अनुसार एजेंसी फिलहाल ईरान के कुछ परमाणु स्थलों और उसके संवर्धित यूरेनियम भंडार की पूरी तरह पुष्टि करने की स्थिति में नहीं है।
नतांज से कितनी दूर है यह ठिकाना?
पिक्सैक्स माउंटेन नतांज यूरेनियम संवर्धन परिसर के बेहद करीब है। यही वजह है कि परमाणु कार्यक्रम पर नजर रखने वाले विशेषज्ञ लंबे समय से इस भूमिगत परिसर की गतिविधियों पर नजर रखते रहे हैं। इसके निर्माण की शुरुआत 2020 के आसपास हुई थी।
हमला करना आसान नहीं
पिक्सैक्स माउंटेन की गहराई और मजबूत चट्टानी संरचना के कारण इसे नष्ट करना आसान नहीं माना जाता। विशेषज्ञों के मुताबिक भारी बंकर-बस्टिंग हथियार भी परिसर को पूरी तरह नष्ट करने की गारंटी नहीं देते। इसलिए सैन्य कार्रवाई के बावजूद यहां मौजूद भूमिगत ढांचे को पूरी तरह खत्म करना बड़ी चुनौती हो सकती है।
सुरक्षा एजेंसियों की बढ़ी चिंता
निर्माण गतिविधियों में तेजी और अमेरिका की संभावित कार्रवाई की चेतावनी के बीच इस परिसर पर निगरानी बढ़ना स्वाभाविक है। यदि यहां वास्तव में परमाणु उपकरण या सेंट्रीफ्यूज स्थानांतरित किए गए हैं, तो यह अमेरिका और ईरान के बीच पहले से तनावपूर्ण स्थिति को और गंभीर बना सकता है।
फिलहाल पिक्सैक्स माउंटेन में गतिविधियों को लेकर कई सवाल अनुत्तरित हैं। सैटेलाइट तस्वीरें निर्माण में तेजी की पुष्टि करती हैं, लेकिन वहां परमाणु संवर्धन चलने या सेंट्रीफ्यूज पहुंचाए जाने की स्वतंत्र पुष्टि नहीं करतीं। ऐसे में आने वाले दिनों में अमेरिकी रुख, ईरान की गतिविधियों और IAEA की निगरानी पर पूरी दुनिया की नजर रहेगी।



