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महिलाओं के लिए क्रिएटिन क्यों बन रहा है हेल्थ ट्रेंड? ब्रेन से बोन हेल्थ तक जानें फायदे

क्रिएटिन को आमतौर पर मसल्स बढ़ाने और वर्कआउट परफॉर्मेंस सुधारने वाले सप्लीमेंट के तौर पर जाना जाता है। लेकिन पिछले कुछ वर्षों में महिलाओं में इसके संभावित दूसरे फायदों पर भी वैज्ञानिक दिलचस्पी बढ़ी है। खासकर मसल स्ट्रेंथ, लीन मसल, ब्रेन फंक्शन और उम्र बढ़ने के दौरान शारीरिक क्षमता को लेकर शोध सामने आए हैं। हालांकि, हर फायदा समान रूप से साबित नहीं हुआ है। (मसल्स और स्ट्रेंथ में हो सकती है मदद

महिलाओं में क्रिएटिन को लेकर सबसे मजबूत संकेत मसल्स और स्ट्रेंथ से जुड़े हैं। 2026 में प्रकाशित एक व्यवस्थित समीक्षा और मेटा-एनालिसिस में 7 रैंडमाइज्ड ट्रायल और 608 पोस्टमेनोपॉजल महिलाओं के डेटा का विश्लेषण किया गया। क्रिएटिन लेने वाली महिलाओं में लीन मास और लेग-प्रेस स्ट्रेंथ में छोटे लेकिन महत्वपूर्ण सुधार मिले, खासकर जब इसे रेजिस्टेंस ट्रेनिंग के साथ लिया गया।

यानी सिर्फ क्रिएटिन लेना पर्याप्त नहीं माना जाना चाहिए। नियमित स्ट्रेंथ ट्रेनिंग, पर्याप्त प्रोटीन और संतुलित डाइट के साथ इसका इस्तेमाल ज्यादा तर्कसंगत हो सकता है।

ब्रेन हेल्थ को लेकर क्या कहती है रिसर्च?

क्रिएटिन शरीर के साथ-साथ दिमाग में भी ऊर्जा से जुड़े सिस्टम का हिस्सा है। कुछ अध्ययनों में इसके सप्लीमेंटेशन से मेमोरी और कुछ कॉग्निटिव फंक्शंस में सुधार के संकेत मिले हैं। 2024 की एक मेटा-एनालिसिस में 16 RCT और 492 प्रतिभागियों के डेटा में मेमोरी, ध्यान और प्रोसेसिंग स्पीड में संभावित लाभ पाए गए; महिलाओं में प्रभाव अपेक्षाकृत ज्यादा दिखा। हालांकि, कुल कॉग्निटिव फंक्शन और एग्जीक्यूटिव फंक्शन में स्पष्ट सुधार नहीं मिला।

इसलिए यह कहना अभी जल्दबाजी होगी कि क्रिएटिन किसी तरह का ‘ब्रेन बूस्टर’ है। वैज्ञानिक प्रमाण अभी विकसित हो रहे हैं और बेहतर क्वालिटी के बड़े अध्ययन जरूरी हैं।

बोन हेल्थ में फायदा? तस्वीर थोड़ी अलग है

पोस्टमेनोपॉजल महिलाओं में हड्डियों की सेहत को लेकर भी क्रिएटिन पर शोध हुआ है। लेकिन यहां नतीजे मिले-जुले हैं। 2026 की मेटा-एनालिसिस में क्रिएटिन से बोन मिनरल डेंसिटी में स्पष्ट सुधार नहीं मिला, हालांकि मसल्स और स्ट्रेंथ में फायदा दिखा।

दो साल के एक RCT में भी पोस्टमेनोपॉजल महिलाओं में बोन डेंसिटी पर क्रिएटिन का स्पष्ट असर नहीं मिला, लेकिन जांघ की हड्डी के कुछ ज्योमेट्रिक गुणों और लीन टिश्यू मास में सकारात्मक बदलाव देखे गए।

क्या महिलाओं के लिए क्रिएटिन सुरक्षित है?

उपलब्ध शोध में क्रिएटिन मोनोहाइड्रेट आम तौर पर अच्छी तरह सहन किया गया है। महिलाओं पर केंद्रित एक व्यवस्थित समीक्षा में गंभीर प्रतिकूल घटनाओं, किडनी या लिवर फंक्शन में महत्वपूर्ण नुकसान का प्रमाण नहीं मिला।

फिर भी इसका मतलब यह नहीं कि हर महिला को इसे बिना सलाह लेना चाहिए। गर्भावस्था, स्तनपान, पहले से मौजूद किडनी की बीमारी या नियमित दवाएं लेने की स्थिति में सप्लीमेंट शुरू करने से पहले डॉक्टर या योग्य डाइटीशियन से सलाह लेना बेहतर है।

महिलाओं में इसकी चर्चा क्यों बढ़ी?

महिलाओं के शरीर में क्रिएटिन का मेटाबॉलिज्म हार्मोनल बदलावों से प्रभावित हो सकता है। पीरियड्स, गर्भावस्था और खासकर पेरिमेनोपॉज व मेनोपॉज के दौरान शरीर में होने वाले बदलावों ने शोधकर्ताओं का ध्यान इस ओर खींचा है। हालांकि इन अलग-अलग जीवन चरणों के लिए अभी पर्याप्त मजबूत डेटा उपलब्ध नहीं है।

निष्कर्ष: क्रिएटिन महिलाओं के लिए सिर्फ जिम सप्लीमेंट नहीं रह गया है। मसल्स और स्ट्रेंथ के लिए इसके फायदे सबसे ज्यादा स्पष्ट नजर आते हैं, जबकि ब्रेन और बोन हेल्थ के लिए रिसर्च अभी शुरुआती/मिश्रित चरण में है। इसे किसी ‘चमत्कारी’ हेल्थ सप्लीमेंट के बजाय सही डाइट और एक्सरसाइज के साथ इस्तेमाल किए जाने वाले विकल्प के रूप में देखना ज्यादा उचित है।

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