आलू खाने का सही तरीका: उबला, ठंडा या फ्राइड? जानें क्या है हेल्दी

आलू को लेकर लोगों के मन में अक्सर यह सवाल रहता है कि क्या इसे खाना सेहत के लिए नुकसानदायक है? इसका जवाब इतना सीधा नहीं है। आलू अपने आप में कोई खराब भोजन नहीं है, बल्कि इसे किस तरह पकाया और खाया जाता है, इसका सेहत पर बड़ा असर पड़ता है। आलू में पोटैशियम, विटामिन C, विटामिन B6 और कुछ फाइबर भी मिलता है।
अगर आप आलू खाना पसंद करते हैं तो इसे उबालकर या बेक करके खाना तले हुए आलू की तुलना में बेहतर विकल्प है। खासकर फ्रेंच फ्राइज और चिप्स में अतिरिक्त तेल और कैलोरी काफी बढ़ जाती है। 2025 के एक बड़े अध्ययन में भी फ्रेंच फ्राइज का ज्यादा सेवन टाइप-2 डायबिटीज के बढ़े जोखिम से जुड़ा पाया गया, जबकि उबले, बेक किए या मैश किए आलू के लिए ऐसा संबंध नहीं दिखा।
आलू खाने का एक और बेहतर तरीका है उसे पकाने के बाद ठंडा करना। उबले आलू को ठंडा करने से उसमें रेजिस्टेंट स्टार्च की मात्रा बढ़ सकती है। यह स्टार्च सामान्य स्टार्च की तुलना में धीरे पचता है और भोजन के बाद ब्लड शुगर पर असर कम करने में मदद कर सकता है।
आलू बनाते समय छिलका हटाने की जरूरत हर बार नहीं होती। अच्छी तरह धोकर छिलके समेत पकाने से फाइबर और कुछ पोषक तत्व मिलते हैं। साथ ही मक्खन, क्रीम या ज्यादा तेल डालने के बजाय थोड़ी मात्रा में स्वस्थ असंतृप्त तेल का इस्तेमाल करना बेहतर है।
हालांकि, आलू में स्टार्च की मात्रा ज्यादा होती है और यह ब्लड शुगर को तेजी से बढ़ा सकता है। इसलिए डायबिटीज या वजन नियंत्रित करने वाले लोगों के लिए मात्रा पर ध्यान देना जरूरी है। आलू को पूरी तरह सब्जी मानकर बड़ी मात्रा में खाने के बजाय इसे भोजन में चावल या रोटी जैसे कार्बोहाइड्रेट स्रोत के तौर पर गिनना ज्यादा सही है।
यानी आलू छोड़ने की जरूरत नहीं, उसे सही तरीके से खाने की जरूरत है। उबला या बेक किया आलू, सीमित मात्रा में, छिलके समेत और प्रोटीन व फाइबर वाले भोजन के साथ लेना तले हुए आलू की तुलना में बेहतर विकल्प हो सकता है।



