अपराजिता की बेल ऐसे लगाएं दीवार पर, घर में दिखेगा नीले फूलों का झरना

अपराजिता के नीले फूल घर की खूबसूरती बढ़ाने के लिए काफी पसंद किए जाते हैं। आमतौर पर इसकी बेल को जाली या सहारे के ऊपर चढ़ाया जाता है, लेकिन इसे थोड़ा अलग अंदाज में वाटरफॉल स्टाइल में भी उगाया जा सकता है। इस तरीके में बेल ऊपर से नीचे की ओर फैलती है और फूल खिलने के बाद ऐसा लुक देती है, जैसे दीवार से नीले फूलों का झरना बह रहा हो।
इसके लिए सबसे पहले दीवार पर जमीन से करीब 4-5 फीट की ऊंचाई पर एक बड़ा प्लास्टिक का टब या तसला मजबूती से लगाएं। इसे थोड़ा नीचे की ओर झुका हुआ रखें, ताकि बाद में बेल और फूलों को नीचे की दिशा में फैलने की जगह मिल सके। टब को कील या स्क्रू की मदद से अच्छी तरह फिक्स करना जरूरी है।
अब इसके ठीक नीचे जमीन पर एक बड़ा और चौड़ा गमला रखें। इसमें जल निकासी के लिए नीचे छोटे कंकड़ और सूखे पत्ते डाल सकते हैं। इसके बाद बगीचे की मिट्टी में अच्छी तरह सड़ी हुई गोबर की खाद, वर्मीकंपोस्ट और थोड़ा कोकोपीट मिलाकर पौधे के लिए उपयुक्त मिश्रण तैयार करें।
गमले के बीच में स्वस्थ और घना अपराजिता का पौधा लगाएं। पौधा लगाते समय उसकी जड़ों को नुकसान न पहुंचाएं और मिट्टी को चारों ओर से हल्के हाथों से दबा दें। इससे पौधे को शुरुआती दौर में अच्छी पकड़ मिलेगी।
अब बेल को फैलाने के लिए दो लंबे लचीले पाइप लें। इनके निचले हिस्से गमले की मिट्टी में मजबूती से गाड़ें और ऊपरी सिरों को दीवार पर लगे टब के अंदर फिक्स करें। दोनों पाइपों के बीच लकड़ी की पतली डंडियां बांधकर एक सपोर्ट फ्रेम बनाया जा सकता है।
अपराजिता की नई और मुलायम शाखाओं को इस फ्रेम पर सावधानी से लपेटें। जरूरत पड़ने पर सुतली से हल्के हाथ से बांध दें, ताकि बेल को दिशा मिलती रहे और वह नीचे गिरने के बजाय तैयार ढांचे पर फैलती जाए। पौधा लगाने के बाद मिट्टी में अच्छी तरह पानी दें।
जैसे-जैसे बेल बढ़ेगी, वह फ्रेम और ऊपर लगे टब को ढकते हुए नीचे की ओर फैल सकती है। पर्याप्त रोशनी, पानी और सही देखभाल मिलने पर जब इसमें नीले फूलों की भरमार होगी, तो पूरा सेटअप झरने जैसा नजर आ सकता है।
हालांकि, ध्यान रखें कि यह डेकोरेटिव गार्डनिंग आइडिया मूल लेख में बताए गए इंटरनेट और इंस्टाग्राम कंटेंट पर आधारित है। इसलिए पौधे की वास्तविक वृद्धि मौसम, रोशनी, मिट्टी, पानी और देखभाल जैसी परिस्थितियों पर निर्भर करेगी। दीवार पर टब और सपोर्ट लगाते समय उन्हें पर्याप्त मजबूती देना भी जरूरी है, ताकि भारी बेल या गमले के कारण दुर्घटना न हो।



