हल्का Weight Loss भी फायदेमंद, फैटी लिवर और डायबिटीज में दिखेगा सुधार

अगर आपको लगता है कि वजन में सिर्फ 2-3 किलो का अंतर क्या बदलाव ला सकता है, तो यह सोच बदलने की जरूरत है। खासकर फैटी लिवर और टाइप-2 डायबिटीज से जूझ रहे लोगों में थोड़ा-सा वजन कम करना भी स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद हो सकता है। विशेषज्ञों के मुताबिक, शरीर के कुल वजन का 3 से 5 प्रतिशत कम करने से लिवर में जमा फैट घटने में मदद मिल सकती है।
वहीं, डायबिटीज और अधिक वजन या मोटापे की स्थिति में 5 से 7 प्रतिशत वजन कम करना ब्लड ग्लूकोज को मैनेज करने और कुछ अन्य स्वास्थ्य समस्याओं में सुधार के लिए मददगार हो सकता है। इसका मतलब है कि अगर किसी व्यक्ति का वजन 80 किलो है, तो शुरुआती लक्ष्य के तौर पर करीब 4 किलो वजन कम करना भी उपयोगी हो सकता है।
फैटी लिवर के मामले में वजन घटाने का असर खास तौर पर महत्वपूर्ण है। वजन कम होने से लिवर में जमा फैट कम हो सकता है और आगे चलकर सूजन व लिवर डैमेज के जोखिम को कम करने में मदद मिल सकती है। अधिक लाभ के लिए कुछ लोगों को अपने शुरुआती वजन का 7-10 प्रतिशत तक कम करने की जरूरत पड़ सकती है।
वजन कम करने के लिए क्रैश डाइट या लंबे समय तक भूखे रहने के बजाय संतुलित खान-पान, कैलोरी पर नियंत्रण और नियमित शारीरिक गतिविधि को प्राथमिकता देना बेहतर है। धीरे-धीरे वजन कम करना और उसे लंबे समय तक बनाए रखना ज्यादा उपयोगी माना जाता है।
सबसे जरूरी बात यह है कि वजन कम करने का लक्ष्य हर व्यक्ति के लिए अलग हो सकता है। अगर किसी को डायबिटीज, फैटी लिवर या अन्य स्वास्थ्य समस्या है, तो डाइट और एक्सरसाइज में बड़ा बदलाव करने से पहले डॉक्टर या योग्य स्वास्थ्य विशेषज्ञ से सलाह लेना बेहतर है।



