आलू खाने का सही तरीका क्या है? उबला, छिलके समेत आलू क्यों है बेहतर

आलू को लेकर अक्सर लोगों के मन में यह धारणा रहती है कि इसे खाने से वजन बढ़ता है या डायबिटीज का खतरा बढ़ जाता है। लेकिन असल में आलू की किस्म, मात्रा और पकाने का तरीका काफी मायने रखता है। 100 ग्राम छिलके समेत उबले आलू में करीब 87 कैलोरी, 20 ग्राम कार्बोहाइड्रेट, 1.8 ग्राम फाइबर और लगभग 1.9 ग्राम प्रोटीन होता है। इसमें पोटैशियम भी अच्छी मात्रा में मिलता है।
उबला या बेक किया आलू बेहतर विकल्प
अगर आलू खाना है तो उसे उबालना, बेक करना या कम तेल में पकाना डीप फ्राई करने से बेहतर विकल्प है। खासतौर पर आलू को छिलके समेत पकाने से फाइबर का लाभ मिलता है। हार्वर्ड के अनुसार, आलू को थोड़ी मात्रा में और असंतृप्त वनस्पति तेल के साथ संतुलित आहार में शामिल किया जा सकता है।
उबालकर ठंडा करना भी हो सकता है फायदेमंद
आलू में मौजूद स्टार्च का कुछ हिस्सा पकाने के बाद ठंडा करने पर रेजिस्टेंट स्टार्च में बदल जाता है। यह सामान्य स्टार्च की तुलना में धीरे पचता है और फाइबर जैसा व्यवहार कर सकता है। इसलिए उबले आलू को ठंडा करके सलाद जैसे रूप में खाना एक उपयोगी विकल्प हो सकता है।
फ्राइज और चिप्स से क्यों बचें?
समस्या अक्सर आलू से ज्यादा उसके साथ जुड़ी अतिरिक्त कैलोरी और फैट की होती है। फ्रेंच फ्राइज, चिप्स और दूसरे डीप-फ्राइड आलू में काफी तेल और कैलोरी शामिल हो जाती है। 2025 में प्रकाशित एक बड़े अध्ययन में फ्रेंच फ्राइज का अधिक सेवन टाइप-2 डायबिटीज के बढ़े जोखिम से जुड़ा पाया गया, जबकि उबले, बेक किए और मैश किए आलू के लिए ऐसा संबंध नहीं दिखा।
आलू को ऐसे बनाएं हेल्दी
- उबले या बेक किए आलू को प्राथमिकता दें।
- संभव हो तो छिलके समेत खाएं।
- डीप फ्राई करने के बजाय थोड़े असंतृप्त तेल का इस्तेमाल करें।
- आलू को अकेले खाने के बजाय दाल, बीन्स, दही या दूसरी सब्जियों के साथ मिलाएं।
- फ्राइज और चिप्स को रोजाना की डाइट का हिस्सा न बनाएं।
- मात्रा का ध्यान रखें, क्योंकि आलू मुख्य रूप से स्टार्च वाला कार्बोहाइड्रेट है।
निष्कर्ष: आलू को पूरी तरह ‘खराब’ या ‘बंद करने वाली चीज’ मानना सही नहीं है। उबला/बेक किया हुआ, छिलके समेत, कम तेल और संतुलित मात्रा में खाया गया आलू बेहतर विकल्प है। वहीं फ्राइज और चिप्स जैसी डीप-फ्राइड चीजों को सीमित करना ज्यादा महत्वपूर्ण है। डायबिटीज जैसी स्थिति में अपनी व्यक्तिगत डाइट के लिए डॉक्टर या डाइटीशियन की सलाह लेना बेहतर रहेगा।



