56 ढोकला बाटी रेसिपी: 56 चीजों से बनाएं चटपटी और खस्ता राजस्थानी बाटी

राजस्थानी खाने की बात हो और बाटी का नाम न आए, ऐसा कम ही होता है। लेकिन 56 ढोकला बाटी पारंपरिक बाटी से थोड़ी अलग है। इसमें कई तरह की दालों, अनाजों, आटों, मसालों और हरी सब्जियों को मिलाकर एक ऐसा मिश्रण तैयार किया जाता है, जो स्वाद में चटपटा और बनावट में बाहर से कुरकुरा व अंदर से नरम होता है।
सबसे पहले मूंग दाल, चना दाल, मसूर दाल, उड़द दाल, मोठ का मोगर, मूंग मोगर, काली उड़द दाल और चावल को अच्छी तरह धोकर करीब 3 घंटे पानी में भिगो दें। इसके बाद पानी निकालकर इन्हें हल्का दरदरा पीस या कूट लें।
अब एक बड़े बर्तन में करीब डेढ़ कप मोटा गेहूं का आटा लें। इसमें बेसन, सूजी, बाजरा, मक्की, रागी, चना मिक्स, ज्वार, सिंघाड़ा और राजगिरा जैसे आटे एक-एक चम्मच डालें। इससे बाटी का स्वाद और टेक्सचर दोनों अलग हो जाते हैं।
मसालों के लिए अजवाइन, जीरा, धनिया, काली मिर्च, सौंफ, लौंग पाउडर, सूखी मेथी, सूखा पुदीना, लाल मिर्च, गरम मसाला, हल्दी और हींग डालें। इसमें तिल, नमक, थोड़ी चीनी, बेकिंग सोडा और पापड़ खार भी मिलाया जाता है।
इसके बाद बारी आती है ताजी सब्जियों की। मिश्रण में हरी-लाल मिर्च, स्प्रिंग अनियन, पालक, अदरक-लहसुन का पेस्ट, प्याज, पुदीना, करी पत्ता, हरी मटर और धनिया डालें। करीब 2 बड़े चम्मच तेल मिलाकर सभी चीजों को अच्छी तरह मिक्स करें।
अब इसमें भिगोई हुई दालों का मिश्रण डालें और थोड़ा-थोड़ा पानी डालकर सख्त आटा गूंथ लें। आटे की छोटी-छोटी लोइयां बनाकर गोल बाटी का आकार दें और बीच में हल्का दबा दें।
बाटियों को ओवन, बाटी मेकर, एयर फ्रायर या अप्पे पैन में धीमी-मध्यम आंच पर तब तक पकाएं, जब तक वे सुनहरी और बाहर से करारी न हो जाएं और सतह पर हल्की दरारें दिखाई देने लगें। तैयार बाटी को बीच से तोड़कर देसी घी में डुबोया जा सकता है। इसे दही, लाल मिर्च की चटनी या पंचमेल दाल के साथ परोसें।
इस रेसिपी में दाल, अनाज और सब्जियों की विविधता इसे पौष्टिक बनाने में मदद कर सकती है, लेकिन इसे ‘सुपर-हेल्दी’ या पूर्ण आहार मानना जरूरी नहीं है। खासकर घी और तेल की मात्रा बढ़ने पर कैलोरी भी बढ़ती है। स्रोत ने भी रेसिपी से जुड़े दावों को इंटरनेट और इंस्टाग्राम वीडियो पर आधारित बताया है और उनकी स्वतंत्र पुष्टि की जिम्मेदारी नहीं ली है।



